कई एजेंडों पर कूटनीतिक समाधान और व्यापार की पहल
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यूएई में बीच में रूकने की संभावना
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कूटनीतिक दौरे में सुरक्षा भी एजेंडा
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यूरोप के चार देशों का दौरा करेंगे
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व्यापार और सुरक्षा मुख्य एजेंडा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक यूरोप के चार देशों की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरे के केंद्र में व्यापार, सुरक्षा सहयोग और यूक्रेन एवं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष रहेंगे। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा की शुरुआत या अंत में संयुक्त अरब अमीरात में एक संक्षिप्त प्रवास की भी उम्मीद है।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा उन्हें नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली ले जाएगी। इस दौरे का मुख्य आकर्षण ओस्लो में होने वाला तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें भारत, डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड के नेता शामिल होंगे।
ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया तनाव चर्चाओं में ईरान-अमेरिका संघर्ष के आर्थिक प्रभाव, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों पर प्रमुखता से बात होने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसने भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पहले से ही यूएई, कतर और सऊदी अरब के साथ उच्च स्तरीय वार्ता कर रहा है।
यूएई में ठहराव के दौरान मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय संबंधों और सितंबर में भारत द्वारा आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर चर्चा करेंगे। यूएई भारत के ईंधन का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत है और वहां रहने वाले 40 लाख भारतीय प्रवासियों का कल्याण भी चर्चा का मुख्य विषय होगा।
नीदरलैंड में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने डच सेमीकंडक्टर हब आइंडहोवन का दौरा किया था। डच चिप उपकरण निर्माता एएसएमएल भारत में अपना कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है। मोदी अपने डच समकक्ष रॉब जेटन के साथ पहली व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। स्वीडन में व्यापार, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी।
नॉर्वे और ईएफटीए से 2024 में भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया था। यह समझौता 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा करता है। प्रधानमंत्री मोदी और इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच रक्षा सहयोग और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर चर्चा होगी। वेटिकन में पोप के साथ संभावित मुलाकात पर भी विचार किया जा रहा है।