एग्जिट पोल में भाजपा को बड़ी बढ़त
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के मतदान बुधवार को संपन्न हो गए। एग्जिट पोल के शुरुआती रुझानों ने सभी को चौंकाते हुए संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों को दो प्रमुख राज्यों में बड़ी जीत मिल सकती है।
2024 के आम चुनाव में पूर्ण बहुमत खोने के बाद भाजपा के लिए ये परिणाम देश भर में उसकी पकड़ मजबूत करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में नई सरकारों के चुनाव के लिए मतदान हुआ है। इन सभी सीटों पर मतगणना 4 मई को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
भाजपा का वर्चस्व असम में पिछले 10 वर्षों से भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है। अधिकांश एग्जिट पोल का अनुमान है कि यह गठबंधन आसानी से बहुमत हासिल कर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगा। वहीं, पश्चिम बंगाल में मुकाबला सबसे रोमांचक और कड़ा रहा है। यहाँ भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ सीधी और तीखी जंग लड़ी है।
अधिकांश पोलस्टर्स ने बंगाल में एक बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी की है और भाजपा की जीत की संभावना जताई है। प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने हफ्तों तक यहाँ प्रचार किया, जिसमें बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और कमजोर अर्थव्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया गया।
तमिलनाडु और केरल का रुख इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के प्रमुख केंद्र तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण अलग दिख रहे हैं। यहाँ सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दल द्रमुक के गठबंधन को लगातार दूसरी बार सत्ता मिलने का अनुमान जताया गया है।
केरल, जो वर्तमान में देश का एकमात्र वामपंथी शासित राज्य है, वहाँ कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। एग्जिट पोल के अनुसार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और उसके सहयोगियों को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन से हार का सामना करना पड़ सकता है।
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण मतदाता आधार वाले देश में एग्जिट पोल का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। कई मौकों पर ये अनुमान गलत भी साबित हुए हैं, इसलिए वास्तविक तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही साफ होगी। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह भारतीय राजनीति में भाजपा के पुनरुत्थान और क्षेत्रीय दलों के लिए एक बड़ी चुनौती का संकेत होगा।