Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मंदिर और घर की पूजा: आध्यात्मिक संतुष्टि के लिए क्या है सही तरीका? जानिए गुरुजी के अनुसार दोनों का म... गर्मियों में पेट की समस्याओं से हैं परेशान? एक्सपर्ट से जानें आंतों की नेचुरली सफाई और कब्ज से बचने ... Mission Punjab 2027: पंजाब फतह की तैयारी में जुटे अमित शाह, 'नशा मुक्त पंजाब' के जरिए AAP को घेरने क... मतदान का उत्साह: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद का सबसे अधिक भागीदारी वाला चुनाव देखा गया, जहाँ दोनों... Vaishali News: पुलिस की वर्दी पहन चौकीदार के बेटे ने बनाई रील, थाने की जीप का भी किया इस्तेमाल; पुलि... Udaipur Crime: बहन की मौत का बदला! जीजा को घर से अगवा कर जंगल ले गया साला, पत्थरों से सिर कुचलकर की ... सीमांचल में भारत-नेपाल रिश्तों को नई पहचान: भारतीय पुरुषों से ब्याही नेपाली महिलाओं को मिलेगी नागरिक... West Bengal Election 2026: बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ मतदान, दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग; अब 4 मई को खुल... दिल्ली-NCR में आग का खतरा: ऊंची बिल्डिंग्स में 'मौत का साया', फायर विभाग के संसाधन नाकाफी; आंकड़ों न... IPL 2026: बुमराह और पंड्या से बेहतर रिकॉर्ड, फिर भी शार्दुल ठाकुर को क्यों नजरअंदाज किया? कप्तान के ...

Latehar News: लातेहार में औरंगा नदी पर बने पुल का अस्तित्व संकट में, पिलर क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही पर खतरा

लातेहार: जिला मुख्यालय में औरंगा नदी पर बना पुल संकट में आ गया है. पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया है. यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में पुल के अस्तित्व पर भी प्रश्न चिन्ह लग सकता है. अगर यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो जवाहर नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय आदि में पढ़ने वाले बच्चों के अलावे विभिन्न गांव के हजारों लोगों का रास्ता भी बंद जाएगा.

दरअसल, लातेहार जिला मुख्यालय के चाणक्य नगरी छठ घाट के पास औरंगा नदी पर लगभग एक दशक पूर्व पुल का निर्माण कराया गया था. पुल के बनने के बाद सदर प्रखंड के सीसी और धनकारा पंचायत के दर्जनों गांव लातेहार जिला मुख्यालय से सीधे जुड़ गया. इसके अलावा लातेहार जिला मुख्यालय के जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का सीधा संपर्क जिला मुख्यालय से हो गया.

परंतु वर्तमान समय में इस उपयोगी पुल के अस्तित्व पर ही संकट छा गया है. पुल का एक पिलर काफी जर्जर हो गया है. यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले बरसात में जब नदी में बाढ़ आएगी तो पुल के अस्तित्व पर भी संकट आ जाएगा.

पुल के नीचे से बालू का हो रहा उठाव

इधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रसाद उर्फ बुट्टा जी ने बताया कि बालू माफियाओं द्वारा पुल के आसपास से भारी मात्रा में बालू का उठाव किया गया. जिस कारण पुल के आसपास बालू पूरी तरह हट गया. इससे पुल के अस्तित्व पर संकट छा गया है. उन्होंने बताया कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो जाएगा.

कस्तूरबा गांधी और नवोदय विद्यालय जैसे स्कूल भी होंगे प्रभावित

सामाजिक कार्यकर्ता और विधायक प्रतिनिधि सिकेश्वर राम ने बताया कि यह पुल लातेहार जिला मुख्यालय के लिए काफी महत्वपूर्ण है. जवाहर नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को मुख्यालय से जोड़ने के लिए यह एकमात्र रास्ता है. इसके अलावा इस रास्ते से 5000 से अधिक लोग सीधे तौर पर जिला मुख्यालय से जुड़े हुए हैं. यदि पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो हजारों लोग मुख्यालय से कट जाएंगे. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत कर दी जाए तो काफी बेहतर होगा.

संबंधित विभाग को किया जाएगा पत्राचार

इस संबंध में लातेहार नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि मामले को लेकर संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसकी वह खुद जांच भी करेंगे और प्रयास होगा कि जल्द ही इसकी मरम्मत कर दी जाए.