मैक्सिको के कार्टेल अभियान का नया सच जांच के दायरे में
मैक्सिको सिटीः मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने उत्तरी राज्य चिहुआहुआ में मादक द्रव्य विरोधी अभियान के दौरान अमेरिका के दो खुफिया अधिकारियों की मौत के बाद उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना ने मैक्सिको की संप्रभुता और देश के भीतर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की सक्रियता को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। शुरुआत में मैक्सिको में अमेरिकी राजदूत रोनाल्ड जॉनसन ने मृतकों की पहचान अमेरिकी दूतावास के दो स्टाफ सदस्यों के रूप में की थी, लेकिन बाद में प्रमुख अमेरिकी समाचार पत्रों ने पुष्टि की कि वे वास्तव में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के सदस्य थे।
यह घटना रविवार को चिहुआहुआ राज्य के मोरेलोस नगरपालिका में हुई, जब एक ड्रग रेड से लौटते समय सीआईए अधिकारी और चिहुआहुआ स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के दो मैक्सिकन अधिकारी एक कार दुर्घटना का शिकार हो गए। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति शीनबॉम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी सरकार को चिहुआहुआ राज्य और अमेरिकी दूतावास के कर्मियों के बीच सीधे सहयोग की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैक्सिको के संविधान के अनुसार, विदेशी एजेंसियों के साथ किसी भी प्रकार का सुरक्षा सहयोग संघीय सरकार के माध्यम से होना चाहिए, न कि सीधे राज्य स्तर पर।
शीनबॉम ने इस बात पर जोर दिया कि संघीय सरकार यह जांच कर रही है कि वे लोग वहां क्या कर रहे थे और किस एजेंसी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, रिश्ता संघीय होता है, राज्य स्तर का नहीं। इस तरह के सहयोग के लिए संघीय सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य है। यह जांच ऐसे समय में आई है जब मैक्सिको में अमेरिकी हस्तक्षेप के दायरे को लेकर बहस तेज है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मैक्सिकन सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देना असामान्य नहीं है, लेकिन जमीनी अभियानों में उनकी प्रत्यक्ष मौजूदगी हमेशा से एक विवादास्पद मुद्दा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्सिकन सरकार पर बनाए जा रहे भारी दबाव का परिणाम है। ट्रंप ने लगातार शीनबॉम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि वे ड्रग कार्टेल पर नकेल कसने और अमेरिका में अवैध दवाओं के प्रवाह को रोकने में विफल रहे, तो वे सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं। इस दबाव के बीच ही सीआईए ने मैक्सिको के साथ अपना सहयोग बढ़ाया है। पिछले साल, शीनबॉम ने स्वयं स्वीकार किया था कि उनके अनुरोध पर अमेरिका देश में ड्रोन के जरिए निगरानी उड़ानें संचालित कर रहा है। साथ ही, सीआईए निदेशक जॉन रेटक्लिफ ने 2025 की शुरुआत में सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्टेल विरोधी कार्यों के लिए नए संसाधन आवंटित किए थे। अब इस ताजा घटना ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।