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नाइजीरिया में राष्ट्रपति टीनूबू के तख्तापलट की साजिश

सरकार ने छह लोगों पर दर्ज किया मामला

एजेंसियां

अबूजाः नाइजीरियाई सरकार ने राष्ट्रपति बोला टीनूबू की निर्वाचित सरकार को हिंसक रूप से उखाड़ फेंकने की कथित साजिश के मामले में छह पूर्व सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। मंगलवार को सामने आए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इन आरोपियों पर पिछले साल तख्तापलट की योजना बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई नाइजीरिया की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें सेना के उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।

देश के महान्यायवादी और न्याय मंत्री लतीफ फागबेमी ने सोमवार को राजधानी अबूजा की एक संघीय अदालत में यह मामला दायर किया। अभियोजकों ने इन छह आरोपियों पर राजद्रोह, आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण सहित कुल 13 आपराधिक धाराएं लगाई हैं। इन आरोपियों में सेना के एक सेवानिवृत्त मेजर-जनरल का नाम प्रमुखता से शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार, इस साजिश में शामिल एक सातवां संदिग्ध, जो एक पूर्व राज्य गवर्नर बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है और अधिकारी उसकी तलाश कर रहे हैं। इन सभी आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

यह मामला 2023 में बोला टीनूबू के सत्ता संभालने के बाद से अब तक का सबसे गंभीर राजद्रोह का मुकदमा है। नाइजीरिया वर्तमान में कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें गंभीर आर्थिक दबाव, उत्तर में इस्लामी उग्रवाद और बढ़ती राजनीतिक खींचतान शामिल है। ऐसे समय में तख्तापलट की साजिश का खुलासा होना सरकार की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा देता है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2023 में राष्ट्रपति टीनूबू ने अचानक सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया था। उस समय उनके सहयोगियों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बढ़ते खतरों से निपटने के लिए उठाया गया कदम बताया था, जिसे अब इस साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

नाइजीरिया का इतिहास सैन्य तख्तापलट से भरा रहा है, हालांकि पिछले दो दशकों से वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है। इस ताजा कानूनी कार्रवाई को सरकार द्वारा सेना और सुरक्षा बलों के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को कुचलने और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा वकीलों की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम न केवल नाइजीरिया बल्कि पूरे पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है जहाँ हाल के वर्षों में कई देशों में सैन्य तख्तापलट देखे गए हैं।