लगातार हो रही प्राण हानि के बाद सरकार की नई पहल
एजेंसियां
सिडनीः ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने रविवार को घोषणा की कि 1 जुलाई से सिडनी और उसके आसपास के तटों पर शार्क की निगरानी के लिए ड्रोन कवरेज को साल भर के लिए विस्तारित किया जाएगा। हाल के महीनों में शार्क के हमलों और उनके देखे जाने की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के मद्देनजर न्यू साउथ वेल्स राज्य सरकार ने इस दिशा में 34 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 23 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के अतिरिक्त निवेश का निर्णय लिया है। इस बड़े विस्तार के साथ ही अगले दो वर्षों में शार्क नियंत्रण और चेतावनी पर कुल खर्च 120 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक पहुंच जाएगा।
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राज्य के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने कहा, हालांकि समुद्र में शार्क से होने वाली घटनाओं को पूरी तरह से रोकना किसी के लिए भी संभव नहीं है, लेकिन इस निवेश का मुख्य उद्देश्य आकाश में अधिक आंखें तैनात करना है ताकि हम शार्क को पहले ही देख सकें और तैराकों को समय रहते चेतावनी दे सकें।
यह कदम हाल ही में हुई कई भयावह घटनाओं के बाद उठाया गया है। 13 जून को सिडनी के प्रसिद्ध कूजी बीच पर एक शिक्षिका पर शार्क ने हमला कर दिया था, जिसके चलते उन्हें अपने हाथ से हाथ धोना पड़ा और वे अभी भी आईसीयू में हैं। इसके अलावा, पिछले एक सप्ताह में बॉन्डी बीच पर ग्रेट व्हाइट शार्क देखे जाने के कारण समुद्र तट को लगातार तीन दिनों तक बंद रखना पड़ा था। इस साल के शुरुआत में भी सिडनी हार्बर में एक 12 वर्षीय बच्चे की शार्क के हमले में मौत हो गई थी।
नई योजना के तहत सर्फ लाइफ सेविंग एनएसडब्ल्यू के नेतृत्व में न्यू साउथ वेल्स के लगभग 70 समुद्र तटों (जिसमें सिडनी के 38 बीच शामिल हैं) पर प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। ड्रोन अब सुबह से शाम तक उड़ान भरेंगे, जिससे उन तटों पर भी सुरक्षा बढ़ जाएगी जहां लाइफसेवर मौजूद नहीं होते। वैज्ञानिक मानते हैं कि समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण शार्क के प्रवास के पैटर्न बदल रहे हैं, जो हमलों में वृद्धि का कारण बन सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार जाल बिछाने जैसी पुरानी पद्धतियों के स्थान पर अब एआई और उन्नत तकनीक का सहारा ले रही है। शार्क को ट्रैक करने के लिए स्मार्ट ड्रमलाइन्स और टैगिंग के साथ-साथ एक शार्क स्मार्ट ऐप भी है, जो शार्क के करीब आने पर तैराकों को उनके मोबाइल और स्मार्ट वॉच पर तुरंत नोटिफिकेशन भेज देता है।