Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DGCA Bribery Case: डीजीसीए के डिप्टी डीजी समेत दो लोग गिरफ्तार, रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई का बड़ा ... मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने... ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद! जहाजों पर फायरिंग से दुनिया भर में हड़कंप, क्या भारत... "मुझे झालमुड़ी खिलाओ..." बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का देसी अंदाज, काफिला रुकवाकर चखा मशहूर स्नैक ... Srinagar Airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिक हिरासत में, चेकिंग के दौरान बैग से मिला Garmi... India's First Semiconductor Unit: ओडिशा में देश की पहली 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास; ... TMC vs I-PAC: चुनाव के बीच ममता बनर्जी और I-PAC में ठनी? जानें क्यों TMC के लिए गले की फांस बनी प्रश... ग्लेशियरों का बहाव बाढ़ और हिमस्खलन लायेगा Wedding Tragedy: शादी की खुशियां मातम में बदली, गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग; 1 की मौत, 4 गंभ... Muzaffarnagar: दिल्ली के 'बंटी-बबली' मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार, फर्जी CBI अधिकारी बनकर करते थे लाखों क...

हर इसकी राहत में हर बाधा हटायेंगेः नरेंद्र मोदी

राष्ट्र के नाम संबोधन में महिला आरक्षण के बदले चुनाव प्रचार

  • कांग्रेस हमेशा विकास विरोधी रही

  • दूसरे विरोधी दलों की भी आलोचना

  • परिवारवादी दल इस सुधार से डर गये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संविधान (131वां संशोधन) अधिनियम और परिसीमन विधेयक—जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना था—के संसद में पारित न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार (18 अप्रैल, 2026) शाम को राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन इस कदम के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस कदम का विरोध कर पूरी दुनिया के सामने महिला प्रतिनिधित्व के विचार की भ्रूणहत्या की है। वैसे उनके भाषण का सार यह बता गया कि वह इस राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए भी चुनाव प्रचार ही कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को लोकसभा में महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक 66 प्रतिशत समर्थन (दो-तिहाई बहुमत) नहीं मिल सका, लेकिन उन्हें देश भर की महिलाओं का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा:

मैं जानता हूँ कि इस देश की 100 प्रतिशत महिलाएँ इस कदम का समर्थन कर रही थीं। मैं देश की सभी महिलाओं से क्षमा मांगता हूँ। मैं उन्हें विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि हम रास्ते की हर बाधा को दूर करेंगे। हम इस पर दृढ़ हैं और हमारे इरादे भी अटल हैं। अपने 30 मिनट के भाषण में श्री मोदी ने कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा में संवैधानिक संशोधन विधेयक गिर गया, तो ये दल खुशी से झूम रहे थे और मेज थपथपा रहे थे। उन्होंने इसे देश की हर महिला की गरिमा और आत्मसम्मान पर प्रहार करार दिया।

दक्षिणी राज्यों की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रस्तावित 850 सीटों वाली लोकसभा में सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व आनुपातिक रूप से बढ़ेगा। उन्होंने विपक्षी दलों को परिवारवादी बताते हुए कहा, इन दलों को डर है कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में सक्रिय हजारों माताएं और बहनें सत्ता में अपनी हिस्सेदारी लेंगी, जिससे ये परिवार हाशिए पर चले जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को सुधार विरोधी पार्टी करार दिया और कहा कि उसने जल संधियों और पड़ोसियों के साथ जुड़े महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा देरी करने की नीति अपनाई है। उन्होंने जीएसटी, डिजिटल भुगतान, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण, तीन तलाक, समान नागरिक संहिता, वक्फ बोर्ड सुधार और नागरिकता संशोधन अधिनियम जैसे कदमों का विरोध करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की।

उन्होंने इसे अंग्रेजों की बांटो और राज करो की नीति की विरासत बताया। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि देश की नारी शक्ति इस अधिकार के हनन के लिए इन दलों को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं बहुत कुछ माफ कर सकती हैं, लेकिन अपनी गरिमा और आत्मसम्मान पर हमला नहीं।