चुनावी प्रचार में आये पीएम ने बंगाल से कर दिये वादे
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यथावत टीएमसी सरकार पर हमला किया
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पूर्व मेदिनीपुर में आयोजित थी यह जनसभा
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भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल नहीं छोड़ेंगे इस बार
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता के सामने परिवर्तन का एक व्यापक खाका पेश किया है। पूर्व मेदिनीपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया और राज्य की कायाकल्प के लिए छह प्रमुख गारंटियों की घोषणा की। भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग से लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने तक, प्रधानमंत्री के इन वादों ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आते ही भय के इस वातावरण को विश्वास में बदल दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन प्रणाली में लोगों का भरोसा बहाल किया जाएगा और कानून का शासन सर्वोपरि होगा, जहाँ आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सके। प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी होगी। उन्होंने पारदर्शिता लाने का संकल्प लिया ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
शायद सबसे महत्वपूर्ण वादे के रूप में, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि टीएमसी शासन के दौरान हुए हर घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों की फाइलें फिर से खोली जाएंगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों और बलात्कार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर ऐसे मामले की दोबारा जांच होगी। भ्रष्टाचारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि टीएमसी के शासन में लूट मचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, चाहे वह कोई मंत्री हो या कोई सुरक्षाकर्मी, कानून सबको जवाबदेह ठहराएगा। टीएमसी का कोई भी गुंडा अब कानून की पकड़ से भाग नहीं पाएगा।
शरणार्थी मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तविक शरणार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकार दिए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने घुसपैठियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें भारत में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उन्हें बाहर निकाला जाएगा। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए पीएम मोदी ने वादा किया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही तत्काल प्रभाव से सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया जाएगा, जिसकी मांग लंबे समय से लंबित है।
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने डबल-इंजन सरकार की अवधारणा पर विशेष बल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होगी, तो विकास की गति दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मिलकर काम करते हैं, तो सबसे अधिक लाभ जनता को होता है। मोदी ने विश्वास जताया कि एक डबल-इंजन सरकार बंगाल को मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य (सीफूड) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।