सभी में औसत से अधिक हुआ मतदान
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असम में भाजपा वनाम कांग्रेस
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केरल में यूडीएफ और एलडीएफ
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पुडुचेरी में कांग्रेस डीएमके साथ
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः असम, केरल और पुडुचेरी में आज सुबह से ही उच्च दांव वाले विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है क्योंकि इन चुनावों के परिणाम कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय समीकरणों को तय करेंगे। एक ओर जहाँ भारतीय जनता पार्टी असम में अपनी सत्ता बरकरार रखते हुए एक और जीत की तलाश में है, वहीं केरल में वामपंथी मोर्चा (एलडीएफ) लगातार पांचवीं बार सरकार बनाकर इतिहास रचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। दूसरी ओर, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एन. रंगास्वामी की एआईएनआरसी चौथी बार जीत हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक हिंसा और झड़पें देखने को मिलीं। तामुलपुर के पनबारी गांव में कथित तौर पर कैश बांटने को लेकर हुए विवाद में यूपीपीएल (UPPL) के तीन कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई, जिन्हें गंभीर हालत में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में फायरिंग करनी पड़ी।
इसके अतिरिक्त, शिवसागर में कृषक मुक्ति संग्राम समिति (KMSS) के महासचिव विद्युत विकास सैकिया पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। शिवसागर और तामुलपुर सहित कई मतदान केंद्रों पर समर्थकों के बीच झड़पें हुईं, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने करीब 7 से 9 उपद्रवियों को हिरासत में लिया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
चुनाव के इस महत्वपूर्ण चरण में असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान जारी है। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं की भारी भागीदारी देखी जा रही है। इन सभी सीटों पर डाले गए वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। इन तीनों राज्यो में सुबह से ही मतदान की प्रक्रिया तेज रही और समय बीतने के साथ साथ इसमें और गति आय़ी। खबर लिखे जाने तक भी तीनों राज्यों के कई मतदान केंद्रों में वोटरों का वोटिंग अभी समाप्त नहीं हुआ है क्योंकि लोग लाइन में लगे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक असम में 84.4 प्रतिशत, केरलम में 75 प्रतिशत और पुडुचेरी में 86.9 फीसद वोट पड़े हैं।
असम में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। गौरतलब है कि 2023 में राज्य में हुए परिसीमन के बाद यह पहला चुनाव है। परिसीमन एक विवादास्पद प्रक्रिया रही थी, जिसके तहत उन निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित किया गया था जहाँ मुस्लिम समुदाय के वोट निर्णायक भूमिका निभाते थे। इस बदलाव का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
केरल में मुकाबला पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति से हटकर त्रिकोणीय होता दिख रहा है। यहाँ सत्ताधारी वाम मोर्चा, कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि भाजपा इस बार केरल में पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
पुडुचेरी में मुकाबला रंगास्वामी की एनआर कांग्रेस (जो भाजपा और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में है) और कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के बीच है। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम का चुनावी आगाज़। यह पार्टी पहली बार चुनाव मैदान में उतर रही है, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है। जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा था, मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।