आम आदमी पार्टी और राघव चड्डा का विवाद जारी है
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पार्टी ने कोई निर्देश जारी नहीं किया था
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वॉकआउट की सच्चाई सीसीटीवी में है
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जनता से जुड़े मुद्दे ही उठाता रहा हूं
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ और सुनियोजित अभियान का हिस्सा बताते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह संसद की कार्यवाही में जनहित के मुद्दों पर प्रभाव डालने के लिए शामिल होते हैं, न कि शोर-शराबा करने के लिए।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से श्री चड्ढा ने उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने विपक्षी दलों के वॉकआउट (बहिर्गमन) में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने इस आरोप को सरासर झूठ करार देते हुए अपने आलोचकों को चुनौती दी कि वे एक भी ऐसा उदाहरण पेश करें जहाँ उन्होंने भागीदारी न की हो। उन्होंने याद दिलाया कि संसदीय कार्यवाही सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होती है और सच सबके सामने है।
मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के आरोप पर चड्ढा ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने उनसे औपचारिक या अनौपचारिक रूप से इस पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
सांसद ने कहा कि संसद में उनका पूरा ध्यान हमेशा जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने पर रहा है। उन्होंने गिनाया कि वह जीएसटी, आयकर, दिल्ली में वायु प्रदूषण, पंजाब में पानी की समस्या, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेलवे यात्रियों की समस्याएं, मासिक धर्म स्वास्थ्य, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति जैसे विषयों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
राघव चड्ढा ने जोर देकर कहा कि संसद करदाताओं के पैसे से चलती है, इसलिए वहां हंगामा करने के बजाय नागरिकों की चिंताओं को उजागर करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, हर झूठ का पर्दाफाश होगा।