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क्रीमिया में रूसी सैन्य परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त

हादसे में 29 की मौत की पुष्टि की रक्षा मंत्रालय ने

मॉस्कोः रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार सुबह जानकारी दी है कि क्रीमिया के पहाड़ी क्षेत्र में एक रूसी ए एन -26 सैन्य परिवहन विमान एक चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर मंत्रालय ने इस दुर्घटना का संभावित कारण तकनीकी खराबी बताया है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, मंगलवार स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6 बजे विमान से संपर्क टूट गया था, जब वह क्रीमिया के ऊपर अपनी निर्धारित उड़ान पर था।

काला सागर के तट पर स्थित और ऊंचे पहाड़ों से घिरे क्रीमिया प्रायद्वीप, जिसे रूस ने 2014 में यूक्रेन से अपने नियंत्रण में लिया था, का भूगोल बचाव कार्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, एक खोजी दल ने आपदा स्थल का पता लगा लिया है।

मलबे के पास से मिली जानकारी के मुताबिक, विमान में सवार चालक दल के 6 सदस्य और 23 यात्री मारे गए हैं। हालांकि मंत्रालय ने शुरू में कुल क्षमता का स्पष्ट जिक्र नहीं किया था, लेकिन बाद में पुष्टि की गई कि An-26 पर मौजूद किसी भी व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना नहीं है। ए एन-26 एक हल्का सामरिक सैन्य परिवहन विमान है जो दशकों से रूसी सेना का मुख्य आधार रहा है, और यह कम या मध्यम दूरी पर 40 यात्रियों तक को ले जाने में सक्षम है।

सैन्य आयोग वर्तमान में दुर्घटनास्थल पर काम कर रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान पर किसी बाहरी वस्तु का कोई प्रभाव नहीं देखा गया, जिसका अर्थ है कि मिसाइल, ड्रोन या पक्षियों के टकराने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। यह स्पष्टीकरण क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विमान का यह मॉडल 1960 के दशक के उत्तरार्ध से सेवा में है और इसका उपयोग माल ढुलाई के लिए भी किया जाता रहा है।

इन विमानों का सुरक्षा रिकॉर्ड पिछले एक दशक में काफी चिंताजनक रहा है। इससे पहले 2022 में यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र में एक ऐसा ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। 2020 में भी यूक्रेन और दक्षिण सूडान में इसी मॉडल के विमान हादसों का शिकार हुए थे, जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई थी। 2017 में आइवरी कोस्ट में भी इसी तरह की लैंडिंग दुर्घटना हुई थी। बार-बार होने वाले ये हादसे इस पुराने होते जा रहे सैन्य बेड़े के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर फिर से सवाल खड़े कर रहे हैं।