Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
इंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत में विद्रोहियों की सक्रियता की पुष्टि हुई हत्या के मामले में चार पुलिस अफसर सहित आठ गिरफ्तार राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले नये पीएम आर्मेनिया की शीर्ष अदालत का चुनाव खारिज करने से इंकार जापान में भालू के हमले में एक और संदिग्ध मौत माली के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया ग्रीस के थेसालोनिकी में भीषण दावानल का कहर Greater Noida Robbery: ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसायटी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, सुरक्षा पर उठे सवाल Baruipur Case: बारुईपुर हत्याकांड पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात Kanpur Road Accident: बर्रा एलिवेटेड रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैफिक सिपाही और ट्रक ड्राइवर की मौत

हरियाणा में बड़ा एक्शन! मुख्यमंत्री नायब सैनी की सख्ती के बाद बैंक ने घुटने टेके, नगर निगम को मिले 127 करोड़

पंचकूला: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कड़े तेवरों और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। लंबे समय से अधर में लटके कोटक महिंद्रा बैंक और पंचकूला नगर निगम के विवाद में मुख्यमंत्री के दखल के बाद बैंक ने निगम की 127 करोड़ रुपये की राशि वापस कर दी है। मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इसे सरकारी धन की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में सरकार की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?
पंचकूला नगर निगम की एक भारी-भरकम राशि पिछले काफी समय से कोटक महिंद्रा बैंक में फंसी हुई थी। नियमों की अनदेखी और बैंक द्वारा फंड ट्रांसफर में की जा रही देरी के कारण यह मामला पेचीदा होता जा रहा था। इस वित्तीय गतिरोध के चलते पंचकूला शहर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य और जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स फंड की कमी के कारण रुक गए थे।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में आते ही उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया। सीएम ने साफ चेतावनी दी थी कि जनता के पैसे के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि बैंक राशि लौटाने में आनाकानी करता है, तो सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

127 करोड़ रुपये की वापसी से नगर निगम का खजाना एक बार फिर भर गया है। मेयर कुलभूषण गोयल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस राशि का उपयोग शहर की सूरत बदलने में किया जाएगा। हालांकि बैंक ने पैसे लौटा दिए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस देरी के कारणों की जांच अभी भी जारी है। यह जांचा जा रहा है कि क्या निगम के किसी अधिकारी की मिलीभगत से यह पैसा बैंक में अटकाया गया था। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।