कन्नड अभिनेत्री के मामले की जांच में एजेंसी का खुलासा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कर्नाटक के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पुत्री, रान्या राव पर अफ्रीका से दुबई और फिर भारत तक फैले 102 करोड़ रुपये के स्वर्ण तस्करी रैकेट को संचालित करने का गंभीर आरोप है।
संघीय जांच एजेंसी ने अपनी तफ्तीश में पाया कि यह पूरा ऑपरेशन एक सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका मुख्य स्रोत अफ्रीकी देश थे। ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र में बेल्लारी के स्वर्ण व्यापारी तरुण कोंडुरू को रान्या राव का मुख्य सहयोगी बताया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच राव और उनके साथियों ने लगभग 102.55 करोड़ रुपये मूल्य का 127.28 किलोग्राम सोना अवैध रूप से भारत पहुंचाया। तस्करी के इस सोने को बाद में स्थानीय बिचौलियों और ज्वैलर्स के माध्यम से घरेलू बाजार में खपाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 2023 में दुबई में वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग एलएलसी नाम से एक कंपनी स्थापित की थी। शुरू में उन्होंने युगांडा, केन्या और तंजानिया जैसे अफ्रीकी देशों के आपूर्तिकर्ताओं से सीधे सोना खरीदने का प्रयास किया था। हालांकि, युगांडा के एक एजेंट द्वारा 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी किए जाने के बाद, रान्या ने अपना आधार पूरी तरह दुबई स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद, उन्होंने दुबई के सबसे बड़े स्वर्ण बाजार देरा गोल्ड सूक में अफ्रीकी व्यापारियों से सोना खरीदना शुरू किया।
एजेंसी के अनुसार, रान्या राव सोना खरीदने के लिए बाजार में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाती थीं, जबकि तरुण कोंडुरू सीमा शुल्क विभाग (कस्टम्स) में फर्जी घोषणा पत्र दाखिल करता था। इन दस्तावेजों में यह दिखाया जाता था कि सोना दुबई से स्विट्जरलैंड या थाईलैंड जैसे किसी तीसरे देश भेजा जा रहा है, ताकि भारतीय अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके।
रान्या राव को मार्च 2025 में दुबई से लौटते समय बेंगलुरु हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त उनके पास से 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। यह सोना उन्होंने बड़ी चतुराई से अपने शरीर पर छिपा रखा था।