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थाईलैंड की राजनीति में अचानक एक बड़ा मोड़ आया

रूढ़िवादी नेता अनुतिन चर्नविराकुल नए प्रधानमंत्री

बैंकॉकः थाईलैंड की नई संसद ने भारी बहुमत से उनके नाम पर मुहर लगाई, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि देश की कमान फिलहाल सैन्य और राजशाही समर्थक गुटों के हाथ में ही रहेगी। थाईलैंड की नवनिर्वाचित संसद ने गुरुवार को भूमजइथाई पार्टी के नेता अनुतिन चर्नविराकुल को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है।

फरवरी 2026 में हुए चुनावों में उनकी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद यह जीत तय मानी जा रही थी। हाउस स्पीकर सोफॉन जरम ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अनुतिन ने आधे से अधिक मत प्राप्त कर शीर्ष पद पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। संसद में हुए मतदान के दौरान अनुतिन चर्नविराकुल को 293 वोट मिले, जबकि उनके प्रगतिशील प्रतिद्वंद्वी नत्थाफोंग रुआंगप्यान्यावुत को केवल 119 वोटों से संतोष करना पड़ा।

इस दौरान 86 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। 59 वर्षीय अनुतिन, जो एक विशाल निर्माण साम्राज्य के उत्तराधिकारी और करोड़पति हैं, इससे पहले भी प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उन्हें थाईलैंड में गांजे को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के अभियान के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।

अनुतिन की सरकार एक बड़े गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री थैक्सिन शिनावात्रा की फ्यू थाई पार्टी (तीसरे स्थान पर) और 14 अन्य छोटे दल शामिल हैं। अनुतिन की सत्ता में वापसी पूर्व प्रधानमंत्री पैतोंगतारन शिनावात्रा (थैक्सिन की बेटी) के पद से हटने के बाद हुई है, जिन्हें एक नैतिकता संबंधी शिकायत के बाद अदालती आदेश द्वारा पद से हटा दिया गया था। तोंगतारन का एक लीक फोन कॉल, जिसमें उन्होंने कंबोडियाई नेता हुन सेन को अंकल कहा था, उनके पतन का मुख्य कारण बना।

अनुतिन की पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कंबोडियाई सीमा पर एक दीवार बनाने, सभी सीमा द्वारों को बंद रखने और 100,000 स्वयंसेवक सैनिकों की भर्ती करने का वादा किया है। पिछले साल कंबोडिया के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। नई सरकार के सामने अब मध्य पूर्व युद्ध के वैश्विक आर्थिक प्रभाव, सुस्त आर्थिक विकास और कंबोडिया के साथ जारी सीमा तनाव जैसी गंभीर चुनौतियां हैं।

अनुतिन ने मतदान के बाद पत्रकारों से कहा, मैं जब तक संभव हो जनता की सेवा करना चाहता हूँ। जो लोग मुझे जानते हैं, वे समझते हैं कि जब भी जनता पर कोई संकट आएगा, मैं तुरंत उनकी जरूरतों का जवाब दूँगा।