एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष का इस्तीफा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक में हाल ही में हुए बड़े घटनाक्रम पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने मूल्यों और नैतिकता संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसने बैंक द्वारा अनुरोधित एक ट्रांजिशन अरेंजमेंट (संक्रमणकालीन व्यवस्था) को मंजूरी दे दी है, ताकि अध्यक्ष के पद को सुचारू रूप से भरा जा सके और कामकाज प्रभावित न हो। आरबीआई ने बैंक की स्थिरता पर भरोसा जताते हुए कहा कि एचडीएफसी बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है, इसका बोर्ड पेशेवर रूप से संचालित है और प्रबंधन टीम पूरी तरह सक्षम है।
केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में आगे कहा, हमारे समय-समय पर किए जाने वाले मूल्यांकन के आधार पर, बैंक के आचरण या शासन के संबंध में रिकॉर्ड पर कोई गंभीर चिंता का विषय नहीं है। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और तरलता मौजूद है, और इसकी वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य की रणनीति और नेतृत्व के लिए बैंक के बोर्ड और प्रबंधन के साथ संपर्क बनाए रखेगा।
अतनु चक्रवर्ती ने अपने त्याग पत्र में कुछ गंभीर संकेत दिए हैं। उन्होंने लिखा, पिछले दो वर्षों के दौरान बैंक के भीतर मैंने कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे का इन कारणों के अलावा कोई अन्य भौतिक कारण नहीं है। हालांकि, उन्होंने बैंक की मध्यम और कनिष्ठ स्तर की टीमों की ऊर्जा और उत्साह की सराहना की और कहा कि उन्हें एक पुनर्कल्पित संगठन का आधार बनना चाहिए। उन्होंने बैंक के अनुपालन, ऑडिट और समूह निरीक्षण कार्यों के प्रति भी अपना आभार व्यक्त किया है।