Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
New RIMS Director Ranchi: रिम्स में अब मरीजों को बाहर से नहीं खरीदनी होगी दवाएं, नए निदेशक की पहली प... JSSC Teacher Recruitment 2016: हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद पर JSSC ने सौंपी रिपोर्ट; 1 अगस्त को अ... Garhwa Elephant Attack: गढ़वा में जंगली हाथियों का कहर; रंका में एक की मौत, कई घर किए ध्वस्त Bokaro Crime News: बोकारो में नशे में धुत बेटे ने की पिता की निर्मम हत्या; टांगी से मारकर उतारा मौत ... Latehar News: अवैध खनन के जानलेवा गड्ढे बने मुसीबत; लातेहार में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा Ranchi Crime News: सिल्ली में रेलवे ट्रैक के पास मिला अज्ञात युवक का शव; मची सनसनी, पुलिस शिनाख्त मे... Pulse Polio Campaign Jharkhand: झारखंड में 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान; 61 लाख से अधिक बच्चों... Deoghar Health News: देवघर में लाखों की बाइक एम्बुलेंस बनी कबाड़; जसीडीह सीएचसी में धूल फांक रहे सरका... Rajnandgaon News: मासूम को कुचलकर भागा ट्रक; पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर भागने वाले आरोपी को ग्रामीणों... Sukma News: शहीद ASI रामू राम नाग के घर पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े; मां का हाल जाना और बलिदान क...

धारवाड़ के गांव बने मिनी स्विटजरलैंड

ओलावृष्टि से गांव में बिछ गयी बर्फ की सफेद चादर

  • करिश्मा या जलवायु परिवर्तन

  • खूबसूरती के पीछे छिपा संकट

  • किसानों को नुकसान जनजीवन बाधित

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः क्या आपने कभी सोचा है कि दक्षिण भारत के किसी उष्णकटिबंधीय गांव में आपको कश्मीर या मनाली जैसा नजारा देखने को मिल सकता है? कर्नाटक के धारवाड़ जिले से कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर नेटिज़न्स हैरान हैं। 18 मार्च को हुई भारी ओलावृष्टि ने कलघटगी और आसपास के इलाकों को पूरी तरह सफेद बर्फ की चादर से ढक दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हो रहे वीडियो किसी फिल्म के सीन या ए आई द्वारा बनाई गई तस्वीरों जैसे लग रहे हैं। स्थानीय निवासी जब अपने घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि उनके खेत, सड़कें और घर की छतें ओलों की मोटी परत से ढकी हुई हैं। आलम यह था कि लोग इस बर्फ में खेलते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, जिससे यह इलाका किसी हिल स्टेशन जैसा प्रतीत होने लगा।

हालांकि यह नजारा देखने में बेहद खूबसूरत था, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ। यातायात ठप: ओलों की इतनी मोटी परत जमी कि सड़कें आइस रिंक बन गईं। हाइवे पर गाड़ियाँ फिसलने लगीं, जिसके कारण ड्राइवरों को धूप निकलने और बर्फ पिघलने का इंतजार करना पड़ा। अचानक हुई इस भारी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

बेंगलुरु स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कर्नाटक के कई हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। गरज और चमक के साथ बारिश का यह सिलसिला 20 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें, खुले खेतों से दूर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली कटौती और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है। कर्नाटक में मौसम का यह मिजाज इस बात की याद दिलाता है कि वैश्विक जलवायु चक्र कितना अप्रत्याशित होता जा रहा है।