Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tripura Sundari Temple Jabalpur: जबलपुर की शक्तिपीठ जहाँ मां के तीन रूपों के होते हैं दर्शन, जानें क... Maihar Cement Factory Ultimatum: 1 मई की तारीख तय! विधायक अभय मिश्रा ने फैक्ट्री प्रबंधन को ललकारा; ... Vanachi Estate Dispute: केरल सरकार बेचेगी एमपी का वानाची स्टेट? कांग्रेस ने पेश किया विकास का नया मॉ... चारधाम यात्रा पर 'सख्त' पहरा! रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं मिलेंगे दर्शन, गैर-सनातनी प्रवेश पर रोक; ऐसे ... Market Crash Today: सोना-चांदी और सेंसेक्स सब धड़ाम! 4 दिनों में सोने के दाम ₹50,000 गिरे, चांदी ₹15... IPL 2026 से पहले RCB के घर गूंजी किलकारी! दिनेश कार्तिक के घर आई नन्ही परी, तीसरी बार पिता बने दिग्ग... एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से 'महा-राहत'! सांप के जहर मामले में FIR रद्द; कोर्ट ने पलटा फैसला, खत्... ईरान तो बहाना है, असली दुश्मन तो 'घर' में छिपा है! ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाला ये गैंगस्टर कौन? जिसके ... कंगाल होने की कगार पर अमेरिका! ईरान से युद्ध के बीच $39 ट्रिलियन हुआ कर्ज; भारत की इकोनॉमी से 10 गुन... Iran-Israel Conflict: युद्ध से वैश्विक खाद्य संकट का खतरा, 40% महंगी हो सकती है खाने की चीजें; कच्चा...

जिंदा युवक को मुर्दा समझ भेजा पोस्टमार्टम हाउस! जैसे ही डॉक्टर ने उठाया चाकू, होश में आकर ‘नग्न’ अवस्था में भागा युवक; अस्पताल में मची भगदड़

मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक वर्षीय युवक ने डॉक्टरों ने मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. युवक का पोस्टमार्टम होने ही वाला था कि उसे अचानक होश आय गया. खुद को लाशों के बीच घिरा देख वह काफी घबरा गया और फिर नग्न अवस्था में ही बाहर भाग निकला. इस दौरान मौके पर हड़कंप मच गया.

जानकारी के अनुसार, गुना जिले के हड्डी मील क्षेत्र के निवासी जॉन पारदी ने 11 मार्च को कथित रूप से मानसिक तनाव के चलते जहरीले पदार्थ सल्फास का सेवन कर लिया था. परिजन और स्थानीय लोग उसे अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने बिना पर्याप्त जांच के उसे मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. पोस्टमार्टम रुम में कुछ समय बाद युवक को होश आ गया.

पोस्टमार्टम हाउस से भागा युवक

इसके बाद वह खुद को नग्न अवस्था में पोस्टमार्टम रूम के भीतर देखकर घबरा गया और तुरंत वहां से बाहर की ओर भागा. इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. बाद में परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पीड़ित युवक का कहना है कि यदि उसे समय पर होश नहीं आता, तो उसका जीवित अवस्था में ही पोस्टमार्टम शुरू हो सकता था, जिससे उसकी जान भी जा सकती थी.

अस्पताल की कार्शैली पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकीय जांच प्रक्रिया और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश है. हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन लापरवाही के आरोपों के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. इस घटना ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है.