Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रूस अपने सैन्य लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगाः पुतिन Haryana Bank Scam News: निलंबित आईएएस प्रदीप कुमार ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका; 169 करोड़ के घोटा... देश में पिछले सत्रह सालों में सबसे खराब मॉनसून Swachh Haryana: नगर निगमों में अब वार्डों की होगी रैंकिंग; बेहतर काम करने वाले वार्ड और सफाई कर्मी ह... श्रेय लिया है तो जिम्मेदारी भी लें Legal Luminary Mourned: न्यायमूर्ति महावीर सिंह सिंधु का निधन; न्यायिक जगत ने अश्रुपूर्ण आंखों से दी... MGNREGA Replaced: मनरेगा की जगह आएगी 'वीबीजीरामजी' योजना; 2 जुलाई को तिरुपति में होगा औपचारिक लोकार्... Pollution Control Rule: नूंह समेत पूरे हरियाणा में बदलेगा नियम; बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के पेट्रोल-... Haryana ITI Stipend Scheme: हरियाणा के ITI छात्रों को मिलेगी 2000 रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद; सरकार क... INLD vs BJP: हरियाणा-राजस्थान जल समझौते पर भड़की इनेलो; प्रो. संपत सिंह बोले - 'पानी की एक-एक बूंद की...

तमिलनाडु में डीएमके की चुनावी परेशानी जारी है

वाम दलों ने भी अधिक सीटों की मांग कर दी

राष्ट्रीय खबर

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाले सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस में सीट-बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी  ने डीएमके के उस प्रस्ताव पर कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें उन्हें 2021 के मुकाबले कम या समान सीटें देने की बात कही गई है। शनिवार को वामपंथी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उन्हें गठबंधन के भीतर कांग्रेस जैसी अहमियत और सम्मानजनक सीटों की संख्या चाहिए।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए गठबंधन की मौजूदा स्थिति पर तीखे सवाल उठाए। वाम दलों ने इस बार दो अंकों (10 या उससे अधिक) में सीटों की मांग की है। 2021 के चुनाव में दोनों वाम दलों ने मिलकर 12 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दोनों ने 2-2 सीटें जीती थीं।

शनमुगम का तर्क है कि जब गठबंधन में कांग्रेस को 2021 के मुकाबले अधिक सीटें (28 सीटें और एक राज्यसभा सीट) दी जा सकती हैं, तो वाम दलों की सीटों में कटौती का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि यदि नए सहयोगी के रूप में जुड़ने वाली डीएमडीके को भी दो अंकों में सीटें दी जा सकती हैं, तो दशकों पुराने वफादार साथियों (वाम दलों) को नजरअंदाज करना गलत है।

डीएमके की सीट-बंटवारा समिति, जिसका नेतृत्व पार्टी कोषाध्यक्ष टी.आर. बालू कर रहे हैं, ने अपनी कुछ व्यवहारिक कठिनाइयां सामने रखी हैं। डीएमके का कहना है कि गठबंधन में कमल हासन की एमएनएम और संभावित रूप से डीएमडीके जैसे नए दलों के शामिल होने के कारण पुराने सहयोगियों को अपनी सीटों का त्याग करना होगा।

रिपोर्टों के अनुसार, डीएमके कुछ छोटे सहयोगियों पर अपने उगते सूरज के निशान पर चुनाव लड़ने का दबाव बना रही है, ताकि बड़ी पार्टी के रूप में उसकी स्थिति मजबूत रहे। हालांकि, वाम दल अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं। फिलहाल बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है।

शनमुगम के अनुसार, डीएमके समिति ने कहा है कि वे इस मांग पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से चर्चा करेंगे। वाम दलों और डीएमके के बीच अगले दौर की औपचारिक बातचीत 27 मार्च 2026 को प्रस्तावित है। वाम दलों का आधार तमिलनाडु के औद्योगिक और कृषि बेल्ट में मजबूत है। यदि सीट-बंटवारे पर सहमति नहीं बनती, तो यह इंडिया ब्लॉक की एकजुटता के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। यह विवाद दर्शाता है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, क्षेत्रीय और वैचारिक समीकरणों को साधना डीएमके के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।