Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP में 32 IAS अफसरों के तबादले: अभिषेक चौधरी बने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने रचा इतिहास, भारत का मेडल पक्का वंदे मातरम् पर कंगना और शर्मिला टैगोर आमने-सामने: 'हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर निकलें', कंगना ने दिया ... पेरू में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप: कांप उठे दक्षिणी एंडीज पहाड़, 'रिंग ऑफ फायर' में बसे देश में द... भारत में गोल्ड लोन का क्रेज: टाटा, गोदरेज और आदित्य बिड़ला जैसे दिग्गजों की एंट्री; ₹3.3 लाख करोड़ क... वायरलेस तकनीक की रीढ़: जानिए हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में ब्लूटूथ की भूमिका रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र का क्या है महत्व? जानिए भगवान कृष्ण-द्रौपदी और राजा बलि की पौराणिक कथाएं नींद की कमी से बेजान हो सकती है त्वचा: जानिए अच्छी नींद कैसे बढ़ाती है स्किन का ग्लो और कोलेजन लखनऊ बैंक अफसर मर्डर केस: पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने CCTV शेयर कर उठाए तीखे सवाल, 3 अवैध हथियारों की ... पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय PE बाजार में बदलाव: 'R-फैक्टर' बना निवेशकों की पहली पसंद

पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा

गृह मंत्री ने तमाम अटकलों को पूर्ण विराम दे दिया

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब की सियासत में शनिवार को उस समय एक बड़ा वैचारिक और रणनीतिक मोड़ आ गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरोमणि अकाली दल के साथ भविष्य के किसी भी गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा दिया। पंजाब के राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मालवा क्षेत्र के किल्ली चाहलां (मोगा) में आयोजित बदलाव रैली को संबोधित करते हुए शाह ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब राज्य में किसी की पिछलग्गू बनकर नहीं रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी भी बैसाखी के बिना, पूरी ताकत के साथ अकेले मैदान में उतरेगी।

अमित शाह के भाषण का सबसे मुख्य अंश वह था जिसमें उन्होंने भाजपा के पुराने गठबंधन स्वरूप पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने स्वीकार किया कि अतीत में जब भी भाजपा पंजाब की जनता के पास गई, वह हमेशा छोटे भाई या जूनियर पार्टनर की भूमिका में थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, आज से भाजपा पंजाब में अपनी खुद की सरकार बनाने के लिए अपना अभियान शुरू कर रही है।

अब हम किसी के साथ गठबंधन में छोटे भाई बनकर नहीं रहेंगे। गृह मंत्री ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे बचाने के लिए भाजपा की डबल-इंजन सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार) को एकमात्र समाधान बताया।

शाह ने राज्य में बढ़ती ड्रग्स की समस्या को एक गंभीर खतरा बताया और वादा किया कि भाजपा सरकार इसे जड़ से खत्म करेगी। पंजाब की डूबती अर्थव्यवस्था और बढ़ते कर्ज पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा ही राज्य को इस वित्तीय संकट से बाहर निकाल सकती है।

मोगा की यह रैली रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मालवा क्षेत्र पंजाब की राजनीति का केंद्र है, जहाँ की सीटें राज्य में सरकार बनाने का रास्ता तय करती हैं। शाह ने यहीं से अपना चुनावी बिगुल फूंककर यह संकेत दे दिया है कि भाजपा अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर ग्रामीण और किसान बाहुल्य इलाकों में भी अपनी पैठ जमाएगी।

अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद से ही पंजाब में भाजपा की स्थिति को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। शाह के इस गो सोलो (अकेले चलने) के फैसले ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब पंजाब में एक स्वतंत्र और मजबूत विकल्प के रूप में उभरने की तैयारी कर चुकी है। इससे आने वाले समय में राज्य में बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति पैदा होना तय है।