Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwani Crime News: भिवानी के खानक में दुकान के पास मिला युवक का शव; 4 बहनों के इकलौते भाई की मौत से... Panipat Crime News: पानीपत में एडवोकेट हेमंत पर 5-7 बदमाशों का जानलेवा हमला, क्रेटा रुकवाकर लाठी-डंड... Sonipat Crime News: सोनीपत के शांतिनगर में दो पक्षों में खूनी संघर्ष; एक ने बताया चुनावी रंजिश, दूसर... Faridabad Student Suicide: फरीदाबाद में CBSE 12वीं का रिजल्ट आने के बाद छात्र ने दी जान, दो विषयों म... Haryana College Admission 2026: हरियाणा के कॉलेजों में स्नातक दाखिले शुरू; जानें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ... Faridabad Encounter: फरीदाबाद में ओयो होटल के बाहर हत्या करने वाला इंदर त्यागी एनकाउंटर के बाद गिरफ्... MP Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले हलचल तेज; CM मोहन यादव और संगठन ने ... Bhind Panchayat Scam: भिंड में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र घोटाला; पंचायत सचिव सस्पेंड, FIR दर्ज कराने क... Morena Congress Executive List: मुरैना में कांग्रेस संगठन का बड़ा विस्तार, जीतू पटवारी की सहमति से न... Indore Road Accident: इंदौर में धार रोड पर बेकाबू टैंकर ने बाइक को कुचला, मां और दो मासूम बच्चों की ...

बीस हजार करोड़ के बिटकाइन घोटाले पर कार्रवाई

श्रीलंका जाते वक्त सीबीआई ने हवाई अड्डे से गिरफ्तारी

  • ग्राहकों को अच्छा रिटर्न का वादा था

  • बाद में यह स्कीम फेल होती चली गयी

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच होने लगी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गेन-बिटकॉइन घोटाले के मुख्य आरोपी आयुष वार्ष्णेय को मंगलवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह श्रीलंका के कोलंबो भागने की फिराक में था। वार्ष्णेय डार्विन लैब्स का सह-संस्थापक है, जिसने कथित तौर पर इस घोटाले के पीछे मुख्य कंपनी को तकनीकी सहायता और परामर्श सेवाएं प्रदान की थीं। लगभग 20,000 करोड़ रुपये के इस विशाल घोटाले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गई यह पहली गिरफ्तारी है।

यह धोखाधड़ी 2015 में अमित भारद्वाज (मृत) और उसके भाई अजय भारद्वाज द्वारा शुरू की गई थी। वेरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के मुखौटे तले इन्होंने निवेशकों को 18 महीनों तक हर महीने 10 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया था। निवेशकों से कहा गया था कि वे बिटकॉइन खरीदकर क्लाउड माइनिंग अनुबंधों के माध्यम से निवेश करें। यह एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग यानी पिरामिड स्ट्रक्चर पर आधारित स्कीम थी, जहाँ नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था।

ठगी का तरीका और जांच का विस्तार शुरुआत में निवेशकों को बिटकॉइन में भुगतान मिला, लेकिन 2017 तक यह कम होने लगा। इसके बाद कंपनी ने निवेशकों को धोखा देने के लिए अपनी खुद की कम मूल्य वाली क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करना शुरू कर दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न राज्यों (दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आदि) में दर्ज मुकदमों को सीबीआई को सौंप दिया था। प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है और अब तक दुबई में स्थित कार्यालयों सहित करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर चुका है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल हवाला लेनदेन के लिए किया था। इस मामले के तार राज कुंद्रा से भी जुड़े पाए गए, जिसके चलते अप्रैल 2024 में ईडी ने उनकी 97.79 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इसमें जुहू स्थित एक फ्लैट (जो शिल्पा शेट्टी के नाम पर है) और पुणे का एक बंगला शामिल है। मुख्य आरोपी अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।