लोकसभा में ओम बिड़ला पर अविश्वास प्रस्ताव का असर
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को उस समय भारी गहमागहमी देखने को मिली जब अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके पुराने झप्पी और आंख मारने वाले वाकये की याद दिलाई, जिस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ा ऐतराज जताते हुए अपने भाई का बचाव किया। प्रियंका गांधी ने सदन में दहाड़ते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में राहुल गांधी इकलौते ऐसे नेता रहे हैं जो भाजपा सरकार के सामने कभी झुके नहीं, क्योंकि वे सच बोलने से नहीं डरते।
चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि यह विडंबना ही है कि जो लोग रोज देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना करते हैं, वे आज अचानक उनके लोकतंत्र के प्रति योगदान की कसमें खा रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं आज हंस रही थी क्योंकि जिस नेहरू जी की ये हर दिन बुराई करते हैं, आज उन्हीं के उद्धरण दे रहे हैं। अचानक इन्हें नेहरू जी के प्रति सम्मान जाग गया है। प्रियंका ने साफ किया कि सरकार सच को पचा नहीं पा रही है, इसलिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाने वाले विपक्ष के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया।
दूसरी ओर, किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल उठाए। उन्होंने 2018 के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान की घटना का जिक्र करते हुए हिंदी में कहा, मैंने ऐसा नेता कभी नहीं देखा जो प्रधानमंत्री को गले लगाता है और फिर अपनी सीट पर वापस जाकर साथी सांसदों को आंख मारता है। रिजिजू ने तंज कसा कि जब कोई व्यक्ति खुद को संविधान और नियमों से ऊपर समझने लगता है, तो उसे टोकना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि रिजिजू विपक्ष को सबसे ज्यादा टोकने वाले मंत्री हैं। रिजिजू ने ओम बिरला के कार्यकाल की सराहना करते हुए डिजिटल संसद और नए सांसदों को बोलने के ज्यादा मौके देने जैसे सुधारों को गिनाया और विपक्ष के प्रस्ताव को अनुचित बताया।