ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद रूस की खुली प्रतिक्रिया
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नियुक्ति और उत्तराधिकार का मुद्दा
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पुतिन के इस संदेश का असर होगा
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अमेरिका समर्थक देशों की परेशानी
मॉस्कोः रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। पिछले सप्ताह अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में यह ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। पुतिन ने तेहरान के लिए रूस के अटल समर्थन की पुष्टि की है, जो इस समय गंभीर क्षेत्रीय संघर्ष और बाहरी सैन्य दबाव का सामना कर रहा है।
ईरान की शक्तिशाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सोमवार को आधी रात के बाद मुजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा की। 56 वर्षीय मुजतबा लंबे समय से अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी माने जाते रहे थे, हालांकि उन्होंने पहले कभी किसी औपचारिक सरकारी पद पर कार्य नहीं किया था। उन्हें अलीरेजा अराफी और हसन खुमैनी (ईरानी क्रांति के संस्थापक के पोते) जैसे अन्य प्रमुख दावेदारों पर प्राथमिकता दी गई।
क्रेमलिन द्वारा जारी संदेश में पुतिन ने विश्वास जताया कि मुजतबा खामेनेई अपने पिता की विरासत को सम्मान के साथ आगे बढ़ाएंगे और कठिन परीक्षाओं के समय में ईरानी जनता को एकजुट करेंगे। पुतिन ने कहा, मैं तेहरान के लिए हमारे अडिग समर्थन और ईरानी मित्रों के साथ एकजुटता को दोहराना चाहता हूं। उन्होंने रूस को ईरान का एक विश्वसनीय साझेदार बताया।
इस कूटनीतिक समर्थन के बीच कुछ चौंकाने वाली खबरें भी सामने आई हैं। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस कथित तौर पर ईरान को मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों (युद्धपोतों और विमानों) की वास्तविक समय की सटीक लोकेशन उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों का दावा है कि यह खुफिया जानकारी तेहरान को चल रहे संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना को निशाना बनाने में मदद कर सकती है।
हालांकि व्हाइट हाउस ने इन खबरों को कमतर आंकते हुए कहा है कि इससे सैन्य अभियानों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है, क्योंकि ईरानी सैन्य क्षमताएं पहले ही काफी प्रभावित हुई हैं। यह घटनाक्रम न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति बल्कि वैश्विक भू-राजनीति और विशेष रूप से अमेरिका-रूस संबंधों के लिए एक नया और तनावपूर्ण अध्याय खोलता है।