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इजरायली खुफिया तंत्र को जानकारी मिली थी

घटनाक्रम और पूर्व इतिहास ने संदेह की पुष्टि की है

लंदन: पश्चिम एशिया से आ रही हालिया और चौंकाने वाली रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से यह बड़ा दावा किया गया है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त और भीषण हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई है। ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक कथित बयान में यह जानकारी दी गई है कि शनिवार सुबह जब खामेनेई अपने कार्यालय में एक उच्च-स्तरीय और अत्यंत गोपनीय बैठक कर रहे थे, तभी उन्हें एक सटीक हवाई हमले का निशाना बनाया गया।

इस घटना ने ईरान के सुरक्षा तंत्र के भीतर एक बड़े सुराख की ओर इशारा किया है। वैश्विक रणनीतिक हलकों में अब यह सवाल प्रमुखता से उठता है कि आखिर खामेनेई के सटीक स्थान और उनके हर पल की जानकारी किसने लीक की? खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी सरकार या सुरक्षा बल के भीतर ही किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद को इस गुप्त बैठक, उसके सटीक समय और वहां उपस्थित अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की जानकारी प्रदान की थी। आमतौर पर इजरायली वायुसेना और अमेरिकी सैन्य बल इस तरह के लक्षित हमलों को रात के अंधेरे में अंजाम देते हैं, लेकिन इस बार इनपुट्स इतने सटीक और समय के प्रति संवेदनशील थे कि हमले की योजना को अंतिम क्षणों में बदलकर इसे शनिवार सुबह ही अंजाम दे दिया गया।

इस घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अली खामेनेई को इतिहास के “सबसे क्रूर और बुरे व्यक्तित्वों” में से एक बताया और उनकी मृत्यु की पुष्टि की ओर इशारा किया। वहीं, इजरायली ब्रॉडकास्टर चैनल 12 ने अपने सैन्य सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि खामेनेई का शव राजधानी के राष्ट्रपति भवन के मलबे से बरामद कर लिया गया है।

हालांकि, इस खबर के बीच ईरान के भीतर से विरोधाभासी खबरें भी आ रही हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सर्वोच्च नेता और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दोनों सुरक्षित स्थान पर हैं। कुछ अन्य रिपोर्टों में तो उनके सूडान चले जाने की भी चर्चा है। इन तमाम विरोधाभासों ने मध्य-पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे कर दिए हैं।