लगातार जिम में पसीना बहाने वाले, मजबूत और तंदुरुस्त दिखने वाले युवा बॉडीबिल्डर अचानक कम उम्र में दुनिया छोड़ रहे हैं। हाल ही में ब्राजील के एक मशहूर फिटनेस इन्फ्लुएंसर ने जिम से अपनी एक सशक्त तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी, जिसमें उनका मस्कुलर शरीर साफ नजर आ रहा था। परंतु उसके कुछ ही घंटों बाद उनके आवास पर अचानक मृत्यु हो गई। यह कोई एकाकी मामला नहीं है, बल्कि इससे पूर्व भी अमेरिका, जर्मनी, ब्राजील और भारत के नामी एथलीटों की हार्ट अटैक व कार्डियक अरेस्ट से जान जा चुकी है। सवाल उठ रहा है कि जो लोग बाहर से इतने फिट नजर आते हैं, उनका अंदरूनी तंत्र इतना कमजोर क्यों हो रहा है?
💔 2025 में 56 एथलीटों की मौत, वरिंदर सिंह घुमन समेत कई उभरते सितारे बने शिकार
आंकड़े, शोध और पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स इस वैश्विक त्रासदी की भयावह सच्चाई बयां करते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025 में कुल 56 प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डरों की जान गई, जिनमें मरने वालों की औसत उम्र महज 35 वर्ष रही और आधे से ज्यादा मौतों का कारण दिल से जुड़ी बीमारियां थीं। इनमें पंजाब के मशहूर बॉडीबिल्डर व अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन भी शामिल थे, जिनकी एक मामूली सर्जरी के दौरान अचानक दिल की धड़कन बिगड़ने से मौत हो गई। वहीं, ब्राजील के 25 वर्षीय एथलीट और भारत के एक पावरलिफ्टर की प्रतियोगिता के दौरान सीने में तेज दर्द के बाद कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु हो गई।
💉 सिर्फ स्टेरॉयड ही नहीं, ‘रशियन हल्क’ की मौत के पीछे सिंथोल इंजेक्शन और बिगोरेक्सिया
साल 2025 बॉडीबिल्डिंग जगत के लिए सबसे काला वर्ष सिद्ध हुआ।
रूस के जाने-माने एथलीट, जिन्हें ‘रशियन हल्क’ के नाम से जाना जाता था, मई 2025 में शरीर के मल्टी-ऑर्गन फेलियर (कई अंगों के विफल होने) से असमय चल बसे। वे लंबे समय से सिंथोल इंजेक्शन के अत्यधिक उपयोग और मसल्स को लेकर मानसिक बीमारी ‘बिगोरेक्सिया’ (Bigorexia) से पीड़ित थे। चिकित्सा विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ एनाबॉलिक स्टेरॉयड ही नहीं, बल्कि दूषित इंजेक्शन, प्रतियोगिताओं से ठीक पहले शरीर में पानी का स्तर शून्य के बराबर लाना (अत्यधिक डिहाइड्रेशन) और बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का बेतहाशा कॉकटेल इन मौतों की सबसे बड़ी वजह है।
🔬 20,000 बॉडीबिल्डरों पर हुई इटली की स्टडी: कार्डियक अरेस्ट का खतरा 5 गुना अधिक
बॉडीबिल्डिंग के इस जानलेवा पहलू को यूरोपियन हार्ट जर्नल (European Heart Journal) में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन ने उजागर किया।
इटली के पडुआ विश्वविद्यालय (University of Padua) के शोधकर्ताओं ने ‘इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस’ (IFBB) के लगभग 20,300 एथलीटों की सेहत पर औसतन 8 वर्षों तक निगरानी रखी। स्टडी में पाया गया कि पेशेवर बॉडीबिल्डरों में सामान्य या शौकिया प्रतियोगियों की तुलना में सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) से मौत का खतरा 5 गुना अधिक होता है। लीड रिसर्चर डॉ. मार्को वैकियाटो के अनुसार, अत्यधिक हैवी वेट ट्रेनिंग, बहुत सख्त डाइट, पानी बंद करना और परफॉर्मेंस एनहांसिंग ड्रग्स (PEDs) का कॉम्बिनेशन जानलेवा साबित हो रहा है।
📊 स्टेरॉयड लेने वालों में कार्डियोमायोपैथी का खतरा 9 गुना, हार्ट अटैक का जोखिम 3 गुना
डेनमार्क के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक 11-वर्षीय तुलनात्मक अध्ययन में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वाले 1,189 पुरुषों की तुलना 60,000 सामान्य पुरुषों से की गई।
अध्ययन के चौंकाने वाले नतीजों के अनुसार, स्टेरॉयड लेने वाले व्यक्तियों में दिल की मांसपेशियों के कमजोर होने यानी ‘कार्डियोमायोपैथी’ (Cardiomyopathy) का खतरा सामान्य लोगों से 9 गुना ज्यादा पाया गया। इसके अतिरिक्त, ऐसे लोगों में हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का जोखिम 3 गुना से भी अधिक पाया गया। स्टेरॉयड रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को अनियंत्रित रूप से बढ़ाते हैं और धमनियों में वसा (प्लाक) जमा करके दिल की प्राकृतिक संरचना को हमेशा के लिए विकृत कर देते हैं।
🫀 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: दिल का वजन सामान्य से दोगुना, मांसपेशियां 125% मोटी
मृत बॉडीबिल्डरों की पोस्टमार्टम रिपोर्टों ने चिकित्सा जगत को हिलाकर रख दिया है।
अनेक मामलों में दिल का आकार असामान्य रूप से बड़ा होना (Cardiomegaly) और दिल के निचले हिस्से की मांसपेशियों का अत्यधिक मोटा होना पाया गया। अमेरिका के 26 वर्षीय एक स्टार बॉडीबिल्डर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके दिल का वजन 833 ग्राम निकला, जो एक सामान्य वयस्क पुरुष के दिल (लगभग 300-350 ग्राम) से दोगुने से भी अधिक था। अमेरिका के अन्य मृत बॉडीबिल्डरों के अध्ययन में पाया गया कि उनके दिल का औसतन वजन आम लोगों की तुलना में 74% अधिक भारी था और दिल की मांसपेशियां 125% तक ज्यादा मोटी हो चुकी थीं।