Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दक्षिणी लेबनान को खाली करने से नेतन्याहू का इंकार राष्ट्रपति लूला तक अब बैंकिंग घोटाले की आंच पहुंची कांगो में इबोला संक्रमितों की संख्या 896 हुई युद्ध क्षेत्र में बच्चों के खिलाफ अत्याचार President Droupadi Murmu Birthday: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्मदिन; पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत... NEET Re-Exam Preparation: परीक्षा से पहले आज देशभर में NTA की 'मॉक ड्रिल'; जानें सुरक्षा और संचालन क... Karnataka Welfare Schemes: अब वोटर लिस्ट में नाम होने पर ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ; सीएम डीके ... Economic Crisis Allegations: महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर निशाना; RBI गवर्नर ने ... Maharashtra Politics: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे का शक्ति प्रदर्शन; राहुल गांधी और उद्धव गुट पर स... NEET UG Student Death: गाजियाबाद के प्रताप विहार में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की मौत; जांच में जु...

राज्यसभा की एक सीट पर अड़े जीतन राम मांझी, BJP को याद दिलाया वादा; बिहार NDA में बढ़ी हलचल

बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए सूबे में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राज्यसभा की एक सीट पर अड़े हैं. उन्होंने साफ कहा है कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा एक सीट दी जानी चाहिए.

मांझी ने बीजेपी को राज्यसभा सीट के संबंध में किए गए पूर्व वादे की याद दिलाई है. मांझी ने दावा किया कि एनडीए के घटक दल हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा को बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था.

‘एक राज्यसभा सीट तो मिलनी ही चाहिए’

2015 में अपनी पार्टी बनाने वाले मांझी ने शनिवार को गयाजी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 2024 के आम चुनाव से पहले, बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने हमें लोकसभा में दो और राज्यसभा में एक सीट देने का वादा किया था. लेकिन हमें केवल एक लोकसभा सीट मिली, और हमने उसे एनडीए के लिए जीता.उन्होंने कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर किया गया वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए कोई मांग नहीं कर रहा हूं, लेकिन हमारी पार्टी को कम से कम एक राज्यसभा सीट तो मिलनी ही चाहिए.

16 मार्च को चुनाव होंगे

चुनाव आयोग ने हाल ही में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी, जिनमें से तीन पर सत्ताधारी एनडीए का कब्जा है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच अगले दिन होगी. उम्मीदवारों को 9 मार्च तक अपना नामांकन वापस लेने की अनुमति होगी. 16 मार्च को चुनाव होंगे.

पांच सीटें अप्रैल में खाली होंगी

बिहार में राज्यसभा की कुल 16 सीटों में से पांच सीटें अप्रैल में खाली होंगी, जिनके लिए चुनाव होंगे. ये पांच सीटें हैं जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह और राम नाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, और एनडीए के घटक दल आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा की हैं. कुशवाहा पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जो बीजेपी की मदद से 2025 में राज्यसभा में पहुंचे थे. राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी के पास केवल 25 विधायक हैं, जो राज्यसभा सीट बरकरार रखने के लिए अपर्याप्त हैं.

एनडीए ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की

एनडीए ने अभी तक संसद के उच्च सदन के चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है. इस बीच, सूत्रों के अनुसार, विपक्षी महागठबंधन एआईएमआईएम और बसपा के समर्थन पर निर्भर है, जिनके साथ उसका कभी गठबंधन नहीं रहा है, ताकि पांच राज्यसभा सीटों में से एक सीट जीत सके.

आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन, जिसमें कांग्रेस, सीपीआई (एमएल) और सीपीआई (एम) के अलावा नवगठित आईआईपी भी शामिल है, के पास 243 सदस्यीय राज्य विधानसभा में केवल 35 सदस्य हैं, जो राज्यसभा में सीट पाने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से छह कम हैं.