राजनीति से लगभग रिटायर हो चुके नेता भी अब बोलने लगे
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ए आई समिट में अनुशासन जरूरी
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यह देश की गरिमा का आयोजन था
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यहां पूरे देश की छवि का सवाल था
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अल्वा ने वैश्विक मंचों पर शिष्टाचार, जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए अपनी ही पार्टी के युवा संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में अनुशासन और गरिमा का पालन करना अनिवार्य है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
विवाद पर टिप्पणी करते हुए मार्गरेट अल्वा ने रेखांकित किया कि जब भारत किसी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी करता है, तो वह पूरे राष्ट्र की छवि का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रतिभागियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से अनुशासन तथा जवाबदेही की भावना की अपेक्षा की जाती है। अल्वा के अनुसार, वैश्विक मंचों पर इस तरह के हंगामे न केवल आयोजन की गंभीरता को कम करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच देश की साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
पूर्व राज्यपाल और अनुभवी राजनीतिज्ञ अल्वा ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के लिए उचित समय और स्थान का चुनाव करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एआई समिट जैसे तकनीकी और रणनीतिक महत्व के सम्मेलनों में, जहाँ दुनिया भर के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं, वहां विरोध प्रदर्शन का तरीका संयमित होना चाहिए।
अल्वा का यह बयान उस समय आया है जब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही थी। उन्होंने संदेश दिया कि राष्ट्रीय हितों और वैश्विक छवि के मामले में राजनीति को पीछे छोड़कर एक अनुशासित आचरण अपनाना चाहिए।