केरल की अंतिम मतदाता सूची जारी की गयी
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नये मतदाता अपना एपिक कार्ड बनायें
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फोटो पहचान पत्र घर पहुंचाए जाएंगे
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कानूनी प्रावधान और अपील की प्रक्रिया
राष्ट्रीय खबर
तिरुवनंतपुरम: भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अद्यतन सूची आधिकारिक रूप से सभी राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की जाएगी ताकि चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
अंतिम रूप से तैयार की गई इस मतदाता सूची के अनुसार, केरल में कुल मतदाताओं की संख्या 2,69,53,644 है। लिंग आधारित आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में महिला मतदाताओं का दबदबा बरकरार है, जहां पुरुष मतदाता: 1.31 करोड़ और महिला मतदाता: 1.38 करोड़ है। इसके अलावा तीसरा लिंग के 227 मतदाता है। राज्य में युवा मतदाता (18-19 वर्ष): 4,24,518 है।
यह अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी से निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपलब्ध करा दी गई है। इसके अलावा, नागरिक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपना नाम देख सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने बताया है कि 18-19 आयु वर्ग के ऐसे मतदाता जिन्होंने पहली बार पंजीकरण कराया है और जिन्हें अभी तक अपना फोटो पहचान पत्र नहीं मिला है, उन्हें बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से उनके आवासीय पते पर कार्ड वितरित किए जाएंगे। जिन लोगों ने 1 जनवरी, 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, लेकिन विशेष पुनरीक्षण के दौरान अपना नाम नहीं जुड़वा सके, वे अभी भी मतदाता पोर्टल, मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बीएलओ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(ए) के तहत, यदि कोई नागरिक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर कर सकता है। वहीं, अधिनियम की धारा 24(बी) के तहत, जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास द्वितीय अपील की जा सकती है।
अक्टूबर 2025 की मतदाता सूची (जिसमें 2,78,50,855 मतदाता थे) की तुलना में, इस सघन पुनरीक्षण अभ्यास के दौरान 8,97,211 नाम हटाए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि यह हटाए गए नाम मुख्य रूप से उन लोगों के हैं जो या तो मृत हो चुके हैं, या दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए हैं, या जिनके नाम दोहरी प्रविष्टियों में थे। हालांकि, जनवरी और फरवरी 2026 के बीच आयोग को 4 लाख से अधिक नए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं, जिन्हें आगामी पूरक सूची में शामिल किया जा सकता है।