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हिमस्खलन से पटरी से उतर गयी रेलगाड़ी

स्विस आल्प्स में बर्फीले तूफान का जानलेवा तांडव

  • अनेक यात्रियों के घायल होने की आशंका

  • बचाव कार्य और रेल सेवाओं पर प्रभाव

  • चार बचाव दलों के वहां रवाना किया गया

गोप्पेनस्टीनः दक्षिण स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वतीय क्षेत्र में रविवार की सुबह एक भीषण रेल दुर्घटना हुई। गोप्पेनस्टीन के पास अचानक आए एक हिमस्खलन  की चपेट में आने से एक यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 7 बजे की है, जब भारी मात्रा में बर्फ पहाड़ों से फिसलकर रेल की पटरियों पर आ गिरी। इस हादसे में कई यात्रियों के घायल होने की सूचना है, हालांकि अभी तक घायलों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

यह दुर्घटना वैलेस कैंटन में हुई, जो अपनी ऊंची चोटियों और सर्दियों में होने वाली भारी बर्फबारी के लिए जाना जाता है। घटना के तुरंत बाद आपातकालीन बचाव दलों और चिकित्सा टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया। फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और अधिकारी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं। इस हादसे के कारण गोप्पेनस्टीन और ब्रिग के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण लोचबर्ग रूट पर रेल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। स्विस फेडरल रेलवे के कर्मियों ने पटरियों की सुरक्षा जांच और क्षति के आकलन के लिए इस खंड को बंद कर दिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक बस सेवाओं के संचालन पर विचार किया जा रहा है।

सर्दियों के मौसम में, विशेष रूप से भारी बर्फबारी और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव के बाद, स्विस आल्प्स में हिमस्खलन एक सामान्य लेकिन बेहद खतरनाक घटना है। तापमान बदलने से बर्फ की परतें अस्थिर हो जाती हैं, जिससे ढलानों से बर्फ खिसकने का डर बना रहता है। हालांकि स्विट्जरलैंड के पास दुनिया का सबसे उन्नत ‘एवलांच रिस्क मैनेजमेंट’ सिस्टम है, जिसमें निरंतर बर्फ की निगरानी, चेतावनी तंत्र, स्नो फेंस (बर्फ रोकने वाली दीवारें) और नियंत्रित विस्फोट जैसी तकनीकें शामिल हैं, फिर भी प्रकृति के इस प्रकोप को पूरी तरह रोक पाना एक बड़ी चुनौती है।

सरकार और रेलवे विभाग लगातार बचाव और पुनर्प्राप्ति प्रयासों की अपडेट जारी कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड का रेल बुनियादी ढांचा अपनी मजबूती के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन मौसम की चरम परिस्थितियों ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। प्रशासन ने निवासियों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।