Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां... Kashi Vishwanath Mahashivratri 2026: काशी में उमड़ा भक्तों का सैलाब, 3 KM लंबी लाइन; जानें बाबा विश्... Uzma Khan Kanwar Yatra: मुराद पूरी हुई तो कांवड़ लेकर निकलीं उजमा खान, महादेव की भक्ति में लीन होकर ...

सीजेआई कार्यालय को जजों के खिलाफ मिलीं 8,630 शिकायतें

कानून मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पिछले दस वर्षों में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को मौजूदा न्यायाधीशों के खिलाफ कुल 8,630 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह डेटा न्यायपालिका के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है।

यह जानकारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सांसद वी.एस. माथेस्वरन द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आई। सांसद ने उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुराचार या अन्य गंभीर अनुचित व्यवहार से संबंधित शिकायतों का विवरण मांगा था। आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2019 और 2024 के दौरान शिकायतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो क्रमशः 1,037 और 1,170 तक पहुँच गई।

सांसद माथेस्वरन ने यह भी पूछा था कि क्या सरकार इन शिकायतों पर की गई कार्रवाई से अवगत है, लेकिन मंत्री ने अपने लिखित उत्तर में इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने वर्तमान इन-हाउस प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के पास ही न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों को प्राप्त करने और उन्हें संभालने का अधिकार है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को सीधे सीजेआई या संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों को भेज दिया जाता है। जब सांसद ने पूछा कि क्या सरकार उच्च न्यायपालिका के खिलाफ शिकायतों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लाने का विचार कर रही है, तो इस पर भी मंत्री की ओर से कोई सीधा उत्तर नहीं दिया गया।