Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शहडोल हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, 3 मजदूर घायल; 2 की हालत गंभीर दतिया में भाजपा की मुसीबत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे विरोध और डैमेज कंट्रोल की रणनीति इंदौर में 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026': सीएम मोहन यादव बोले- वर्ष 2027 होगा युवा शक्ति को समर... बाबा महाकाल के खजाने का सच: करोड़ों की संपत्ति, बेशकीमती जमीन और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से शांति की अपील, कहा- 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि' Vietnam Boat Accident: वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा हादसा, बचाव अभियान जारी सुप्रीम कोर्ट ने अब तेरह जुलाई को सुनवाई करने का फैसला लिया वर्ष 2029 के आम चुनाव तक लागू हो सकता हैः चौधरी एक हजार सिलेंडर समुद्र में बह गये है आपदास्थल से तीन और शव बरामद किये गये

सफाई देकर और फंस गये केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

पवन खेड़ा ने एपस्टीन फाइल पर बयान दिया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना मोर्चा खोल दिया है। सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ उनके कथित संबंधों और बातचीत के खुलासे के बाद, विपक्ष ने उनके आचरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग की है।

शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के सदस्यों ने संसद भवन के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया और लोकसभा के भीतर नारेबाजी की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि 2014 से 2016 के बीच, जब हरदीप सिंह पुरी किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं थे, तो उन्होंने किस क्षमता में और किसके निर्देश पर अमेरिका में एपस्टीन से मुलाकात की थी?

खेड़ा ने कहा कि उस समय श्री पुरी एक सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा अधिकारी थे। उस दौरान वाशिंगटन में तीन भारतीय राजदूत तैनात थे, लेकिन उनमें से किसी ने भी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की। उन्होंने सवाल किया, पुरी किसका पक्ष लेकर गए थे? विपक्ष का आरोप है कि एपस्टीन विदेशी नीति के मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। खेड़ा ने एक ईमेल का हवाला दिया जिसमें एपस्टीन ने मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर कड़ी राय व्यक्त की थी। उन्होंने दावा किया कि ये टिप्पणियाँ फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की भारत यात्रा के संदर्भ में थीं।

सबसे गंभीर आरोप डिजिटल इंडिया पहल को लेकर लगाया गया। खेड़ा ने दावा किया कि 13 नवंबर, 2014 को एपस्टीन ने रीड हॉफमैन को डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारी भेजी थी, जबकि इस कार्यक्रम को आधिकारिक तौर पर जुलाई 2015 में लॉन्च किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि पुरी ने भारतीय नागरिकों से पहले एपस्टीन को इस योजना की जानकारी दी थी।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्री पुरी के सार्वजनिक बयान उनके ईमेल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते, जिनमें कथित तौर पर उन्होंने स्वयं एपस्टीन से मुलाकात का समय मांगा था। पवन खेड़ा ने चेतावनी दी कि एपस्टीन से जुड़ी फाइलों से अभी और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने बाकी हैं और समय के साथ पूरी सच्चाई देश के सामने आ जाएगी।