रिलायंस को मिला वेनेजुएला से तेल का अधिकार
मुम्बई: भारत की दिग्गज ऊर्जा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल की है। खबरों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक जनरल लाइसेंस जारी किया है, जो कंपनी को अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना सीधे वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद करने की अनुमति देगा।
यह घटनाक्रम न केवल रिलायंस के लिए, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वेनेजुएला से तेल की सीधी खरीद रिलायंस को लागत कम करने में मदद करेगी। वर्तमान में भारत भारी मात्रा में रूसी तेल का आयात कर रहा है, लेकिन वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल रियायती दरों पर उपलब्ध है। रिलायंस, जो दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स (जामनगर) का संचालन करती है, के लिए वेनेजुएला का भारी तेल रूसी तेल की तुलना में एक अधिक किफायती और प्रभावी विकल्प साबित होगा।
भू-राजनीतिक बदलाव और अमेरिकी रणनीति यह निर्णय वेनेजुएला में हाल ही में हुए बड़े राजनीतिक बदलावों के बाद आया है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद, वाशिंगटन ने वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने का संकेत दिया था।
वेनेजुएला के तेल उद्योग के लिए 100 बिलियन डॉलर की एक महत्वाकांक्षी पुनर्निर्माण योजना को गति देना। अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी यह जनरल लाइसेंस रिलायंस को वेनेजुएला मूल के उस तेल की खरीद, निर्यात और बिक्री करने के लिए अधिकृत करता है जिसे पहले ही निकाला जा चुका है। इसमें ऐसे तेल का शोधन भी शामिल है।
रिलायंस ने इस लाइसेंस के लिए जनवरी 2026 की शुरुआत में आवेदन किया था। इस लाइसेंस से वेनेजुएला के तेल निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि रिलायंस जैसे बड़े खरीदार की वापसी से बाजार में नकदी और मांग दोनों बढ़ेंगे। हालांकि, इस रिपोर्ट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी अभी तक नहीं आई है, लेकिन बाजार की हलचलें इस बड़े बदलाव की पुष्टि कर रही हैं।