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राहुल ने गलत नंबर डायल कियाः हरदीप पुरी

एपस्टीन फाइल पर लंबी चुप्पी के बाद केंद्रीय मंत्री का बयान

  • उन्हें ईमेल को पढ़ना चाहिए था

  • खुद एपस्टीन ने दोमुहां कहा था

  • नेता प्रतिपक्ष में गंभीरता नहीं है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कांग्रेस नेता के दावों को बेबुनियाद और हास्यास्पद बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को तथ्यों की सही जानकारी नहीं है। पुरी ने कहा कि उनके बारे में बात करके राहुल गांधी ने गलत नंबर डायल कर दिया है।

विवादास्पद अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन के साथ नाम जुड़ने पर सफाई देते हुए पुरी ने बताया कि उनकी मुलाकातें पूरी तरह से पेशेवर थीं। उन्होंने कहा, मैं 2009 से 2017 के बीच न्यूयॉर्क में भारत का राजदूत और बाद में एक अंतरराष्ट्रीय थिंक-टैंक से जुड़ा था। उस दौरान 8 सालों में मेरी एपस्टीन से केवल 3 या 4 बार मुलाकात हुई, वह भी एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में।

पुरी ने एक ईमेल का हवाला देते हुए बताया कि खुद एपस्टीन ने उनके बारे में क्या सोचा था। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को वे ईमेल ठीक से पढ़ने चाहिए थे। एक ईमेल में एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था। इसका कारण यह था कि मैं उनके उन कामों में बिल्कुल फिट नहीं बैठता था जिनके लिए वे कुख्यात थे। मेरी बातें केवल भारत की अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंडिया और निवेश के अवसरों तक सीमित रहती थीं, जो उन्हें पसंद नहीं आता था।

मंत्री पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को मनोरंजन और मूर्खतापूर्ण करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में बयान देकर भाग जाते हैं और जवाब सुनने का साहस नहीं दिखाते। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे नेता हैं जो देश को 10वीं से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में लगे हैं, और दूसरी तरफ ऐसे युवा नेता हैं जो विदेशी संस्थाओं के फैलाए गए झूठ को देश की संसद में दोहराते हैं।

राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को आत्मसमर्पण बताने पर पुरी ने कहा कि यह सौदा भारत के हित में है और इससे आयात शुल्क में भारी कमी आएगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को डेड इकोनॉमी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से पहले शब्दकोश देखना चाहिए, क्योंकि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है।