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अब पुरी तट के करीब समुद्री डॉल्फिनों का झूंड

पहले हजारों समुद्री घोंघों के तट पर आने की घटना हुई

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः पुरी के तट पर समुद्री घोंघों के रहस्यमयी आगमन के ठीक एक दिन बाद, बुधवार को समुद्र में डॉल्फिनों के झुंड को अठखेलियां करते देखा गया। इस दुर्लभ दृश्य ने न केवल पर्यटकों को रोमांचित कर दिया है, बल्कि स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों के बीच भी उत्सुकता जगा दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुरी के व्यस्त समुद्र तट के बेहद करीब कई डॉल्फिनों को पानी की सतह पर आते और तैरते हुए देखा गया। दिन के दौरान कम से कम चार से पांच डॉल्फिनों का एक समूह समुद्र की लहरों के साथ तालमेल बिठाते हुए चंद्रभागा तट की ओर बढ़ता नजर आया।

आम तौर पर पुरी के इस हलचल भरे तट पर डॉल्फिनों का दिखना काफी दुर्लभ माना जाता है। स्थानीय निवासियों का अनुमान है कि ये डॉल्फिनें संभवतः पास की चिल्का झील से भटक कर यहां आ गई होंगी, क्योंकि चिल्का झील डॉल्फिनों का प्राकृतिक आवास है और वहां उन्हें देखना आम बात है।

समुद्र तट पर मौजूद पर्यटकों के लिए यह एक जादुई अनुभव की तरह था। भीड़भाड़ वाले इलाके के इतने करीब डॉल्फिनों को देखना उनके लिए अप्रत्याशित था। जैसे ही डॉल्फिनें पानी की सतह पर अपना सिर निकालतीं, किनारे पर मौजूद भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित हो जाती। कई पर्यटकों ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया।

यह घटना इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले पुरी बीच पर हजारों की संख्या में जीवित समुद्री घोंघे बहकर किनारे पर आ गए थे। लगातार दो दिनों में हुई इन दो अलग-अलग समुद्री घटनाओं ने पर्यावरणविदों और जिज्ञासुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लोग इन घटनाओं के पीछे समुद्री ज्वार, पानी के तापमान में बदलाव या किसी अन्य पर्यावरणीय कारक की संभावना जता रहे हैं।

हालांकि, इन असामान्य गतिविधियों को लेकर अभी तक संबंधित विभाग या समुद्री विशेषज्ञों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। वर्तमान में यह कौतूहल का विषय बना हुआ है कि क्या ये घटनाएं किसी बड़े पारिस्थितिक परिवर्तन का संकेत हैं या केवल एक संयोग।