एथेंस के तट पर भीषण हादसा की खबर आयी
एथेंस: यूनान की राजधानी एथेंस के पास सारोनिक खाड़ी के शांत जल क्षेत्र में आज तड़के एक भीषण समुद्री दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक अनियंत्रित गति से आ रही निजी स्पीडबोट और यूनानी तटरक्षक बल के एक नियमित गश्ती जहाज के बीच हुई जोरदार टक्कर में कम से कम 14 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। यह हादसा हाल के वर्षों में यूनानी तटों पर हुई सबसे गंभीर समुद्री दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा तड़के उस समय हुआ जब समुद्र में धुंध के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रत्यक्षदर्शियों और रडार डेटा से संकेत मिले हैं कि एक निजी स्पीडबोट, जिसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, अत्यधिक गति से यात्रा कर रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्पीडबोट के परखच्चे उड़ गए और वह कुछ ही मिनटों में समुद्र में समा गई। तटरक्षक बल के जहाज को भी आंशिक नुकसान पहुँचा है, लेकिन उसके चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि स्पीडबोट निर्धारित जलमार्ग का उल्लंघन कर रही थी और गश्ती जहाज द्वारा दिए गए चेतावनी संकेतों को भांपने में विफल रही।
दुर्घटना के तुरंत बाद ग्रीक नेवी और तटरक्षक बल ने एक बड़े पैमाने पर संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। घटना स्थल पर:
गोताखोरों की विशेष टीम को मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश के लिए तैनात की गई है। हवाई निगरानी के माध्यम से लापता यात्रियों को खोजने में जुटे हैं। दर्जनों घायलों को समुद्र से निकालकर एथेंस के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 4 की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है।
यूनानी प्रधानमंत्री ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे एक अकल्पनीय त्रासदी करार दिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और समुद्री मंत्रालय को इस मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने जांच पूरी होने और बचाव कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अगले 48 घंटों तक क्षेत्र में निजी नावों और पर्यटन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
एथेंस का यह तटीय क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहाँ निजी नावों और लग्जरी जहाजों की भारी आवाजाही रहती है। इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री यातायात नियमों के सख्त क्रियान्वयन और ‘नेविगेशन सुरक्षा’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च गति वाली नावों के लिए लाइसेंसिंग और रात के समय आवाजाही के नियमों की समीक्षा करना अब अनिवार्य हो गया है।