Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dehradun News: बैरागीवाला गांव में युवक की हत्या के बाद भारी तनाव; गुस्साए लोगों का हंगामा, पुलिस बल... Drone Post Delivery in Himachal: हिमाचल में ड्रोन से पहुंचेगी डाक; मंडी-रेहरधार मार्ग पर सफल ट्रायल,... Greater Noida News: जिम में वर्कआउट के बाद 20 वर्षीय युवक की मौत; हार्ट अटैक की आशंका से मचा हड़कंप Maharashtra Politics: शरद पवार को रामदास आठवले का बड़ा ऑफर; कांग्रेस के बजाय NDA में आने की दी सलाह Govindpuri Fire Case: दिल्ली अग्निकांड कोई हादसा नहीं, बल्कि खौफनाक साजिश; 3 की मौत के मामले में 4 ग... TMC Internal Conflict: सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा को भेजा कानू... Noida Road Accident: नोएडा महामाया फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटी; 14 यात्री घायल Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में फिर सताएगी भीषण गर्मी; 6 दिनों तक बारिश के कोई आसार नहीं सिर्फ खाने के काम ही नहीं आयेगा चावल का सफेद दाना, देखें वीडियो राहुल गांधी का रुख भाजपा को मदद पहुंचा रहाः विजयन

UGC विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, क्या नए नियमों पर लगेगी रोक? जानें पूरा मामला

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ याचिका पर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी. वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि ये नियम सामान्य वर्ग के लिए भेदभावपूर्ण है. उनके मौलिक अधिकारों का हनन करने वाले हैं. याचिका में इस पर रोक लगाने की मांग की गई है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वो UGC रेगुलेशन 2026 के रेगुलेशन 3(c) को लागू करने पर रोक लगाए. 2026 के नियमों के अंतर्गत बनाई गई व्यवस्था सभी जाति के व्यक्तियों के लिए लागू हो. दरअसल, यूजीसी का नया नियम सरकार के ‘गले की फांस’ बन गया है.

UGC के नए कानून का पुरजोर विरोध

सवर्ण समाज और सामान्य वर्ग के लोगों का आक्रोश चरम पर है. धीरे-धीरे यह आक्रोश पूरे देश में फैल रहा है. छात्र और संगठन दोनों इसका विरोध कर रहे हैं. हालांकि, कल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को आश्वासन दिया कि किसी के साथ गलत नहीं होगा. भेदभाव के नाम पर नियमों का गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे. किसी के साथ अत्याचार, भेदभाव नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद भी असंतोष जारी है. इस नियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कम से कम 20 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. वकील विनीत जिंदल की याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.

किन प्रावधानों पर ऐतराज

  • यूनिवर्सिटीज में भेदभाव रोकने के लिए जो Equity Committees बनेगी, उसमें SC, ST और OBC का प्रतिनिधित्व तो है लेकिन सामान्य वर्ग के लिए कोई प्रतिनिधित्व नहीं है.
  • SC/ST/OBC के खिलाफ होने वाले भेदभाव से तो सुरक्षा दी जा रही है लेकिन सामान्य वर्ग के खिलाफ होने वाले भेदभाव को रोकने के उपाय नहीं है.
  • झूठी शिकायत करने वालों के लिए सज़ा का प्रावधान नहीं, ऐसे में इसके दुरुपयोग की डर है.
  • विरोध करने वालों का ये भी तर्क है सामान्य बातचीत या अकादमिक बहस तक को भेदभाव बताया जा सकता है, इससे रोकने का भी कोई उपाय नहीं है.
  • यूनिवर्सिटी में छात्रों के जातिगत आधार पर बंटने का डर है.

UGC ने 13 जनवरी को किया था नोटिफाई

यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) नियम, 2026 जारी किए. ये नए नियम 2012 के पुराने नियमों की जगह लेंगे. इसके तहत सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में ‘इक्विटी कमेटी’ बनाना अनिवार्य होगा.