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अपमान से आहत जगतगुरु शंकराचार्य का कड़ा फैसला

परिसर छोड़कर निकल गये स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

  • मौनी अमावस्या से हुआ था विवाद

  • योगी आदित्यनाथ से भी बहुत खफा

  • मुद्दे पर बंट गया है हिंदू संत समाज

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रशासन के रवैये से क्षुब्ध होकर माघ मेला क्षेत्र को बीच में ही छोड़ने की घोषणा कर दी है। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नोज तक पालकी ले जाने से रोके जाने के विरोध में वे पिछले 11 दिनों से अनवरत धरने पर बैठे थे, लेकिन अब उन्होंने काशी के लिए प्रस्थान करने का मन बना लिया है।

योगी सरकार और प्रशासन पर तीखे प्रहार प्रयागराज से विदा लेते समय शंकराचार्य के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें मूल मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, अधिकारी उन्हें विभिन्न सुविधाएं और प्रस्ताव देकर शांत करना चाहते हैं, लेकिन उस घटना पर पूरी तरह मौन हैं जिसमें संतों और अनुयायियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। शंकराचार्य ने इसे सरकारी रेवड़ी बांटने जैसा करार देते हुए कहा कि प्रशासन लोभ-लालच के जरिए उनके संकल्प को तोड़ना चाहता है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने संबोधन में इस घटनाक्रम को अपने जीवन की सबसे दुखद त्रासदी बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि एक हिंदूवादी सरकार के कार्यकाल में सनातन धर्मियों को जो पीड़ा दी गई है, वह उनके जीवन का अब तक का सबसे बड़ा दुख है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आने वाले समय में पता नहीं कौन सा दल या नेता इस मानसिक आघात की भरपाई कर पाएगा।

शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वे किसी समझौते के तहत नहीं, बल्कि प्रशासन की हठधर्मिता के कारण वहां से जा रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रशासन अपने अपराध पर चर्चा करने के बजाय मामले को दबाना चाहता है। मौनी अमावस्या की घटना को उन्होंने अपनी आत्मा पर चोट बताया और अंत में कहा कि इस पूरे विवाद में किसकी हार हुई और किसकी जीत, इसका फैसला अब समाज और सनातन धर्म की जनता करेगी। 11 दिनों के इस धरने के समापन और शंकराचार्य के प्रयागराज छोड़ने के फैसले ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका असर आने वाले समय में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।