डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख कर मृत अर्थव्यवस्था करार दिया
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अपनी पुरानी बात पर अब भी कायम है
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निर्यातक परेशान पर सरकार चुप्पी साधे है
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देश में रोजगार को पूरी तरह खत्म कर दिया
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी मृत अर्थव्यवस्था वाली टिप्पणी को दोहराते हुए एक बार फिर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस बार भारत के कपड़ा क्षेत्र पर अमेरिकी आयात शुल्क (टैरिफ) में हुई भारी बढ़ोतरी के प्रभावों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता के कारण निर्यातकों के बीच अनिश्चितता बढ़ रही है और बड़े पैमाने पर नौकरियां जा रही हैं, जिसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ और बाजार की अनिश्चितता भारत के कपड़ा निर्यातकों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। नौकरियों का जाना, फैक्टरियों का बंद होना और ऑर्डर में कमी आना हमारी मृत अर्थव्यवस्था की कड़वी हकीकत है।
प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए गांधी ने सरकार पर संकट की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संकट का पैमाना इतना बड़ा होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्ष के नेता ने आगे लिखा, मिस्टर मोदी ने इन टैरिफ पर न तो कोई राहत दी है और न ही इस बारे में बात की है, जबकि साढ़े चार करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों व्यवसाय दांव पर लगे हैं। मोदी जी, आप इसके लिए जवाबदेह हैं; कृपया इस मामले पर ध्यान दें!
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि नोटबंदी, जीएसटी के त्रुटिपूर्ण क्रियान्वयन और एमएसएमई क्षेत्र की बर्बादी जैसे फैसलों ने देश के विकास को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। राहुल गांधी के अनुसार, इन्हीं नीतियों के कारण रोजगार सृजन पूरी तरह ठप हो गया है। उनके इन बयानों पर राजनीतिक गलियारों में पहले भी काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
पिछले वर्ष भी एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा था, अर्थव्यवस्था मर चुकी है और मोदी ने इसे मारा है। उन्होंने इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण गिनाए थे, जिनमें अडानी-मोदी साझेदारी, नोटबंदी, दोषपूर्ण जीएसटी, विफल असेंबल इन इंडिया पहल, लघु उद्योगों का सफाया और कृषि क्षेत्र में बढ़ती बदहाली शामिल है। राहुल गांधी का मानना है कि इन सभी कारकों ने मिलकर देश के आर्थिक ढांचे को खोखला कर दिया है और अब कपड़ा क्षेत्र की स्थिति इसका ताजा उदाहरण है।