अरुणाचल के सियांग में पाइन एप्पल फेस्टिवल
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मणिपुर के चुराचांदपुर में तलाशी अभियान
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गांजा के साथ बिहारी तस्कर गिरफ्तार
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हिमंता भी डावोस के सम्मेलन मे गये
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः पूर्वोत्तर भारत वर्तमान में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और रणनीतिक विकास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। भारतीय सेना क्षेत्र की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए न केवल अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ा रही है, बल्कि नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए वेपन डिस्प्ले जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन कर रही है।
अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले में आयोजित पाइनएप्पल फेस्टिवल के दौरान सेना ने आधुनिक हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन किया। चीन सीमा से सटे इस सामरिक क्षेत्र में स्थानीय युवाओं और छात्रों ने सेना की तकनीक और कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इसी प्रकार, अगरतला में अल्बर्ट एक्का ब्रिगेड ने सेना दिवस 2026 के उपलक्ष्य में हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं में देशभक्ति का संचार किया। यह ब्रिगेड 1971 के युद्ध के ऐतिहासिक गौरव को समेटे हुए है।
दूसरी तरफ सुरक्षा के मोर्चे पर, मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में असम राइफल्स और 11 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एक संयुक्त अभियान के दौरान उग्रवादियों के ‘यूकेएनए ट्रेनिंग कैंप’ का भंडाफोड़ किया गया। यहाँ से 15 परिष्कृत आईईडी, भारी मात्रा में विस्फोटक, राइफलें और मोर्टार बम बरामद किए गए। दूसरी ओर, मणिपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए थौबल और इंफाल वेस्ट से भारी मात्रा में हेरोइन और नशीले कफ सिरप जब्त किए हैं, जिसमें दो तस्करों की गिरफ्तारी हुई है।
असम में विकास और अपराध नियंत्रण की खबरें भी प्रमुख रहीं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए दावोस रवाना हुए हैं। वह इस वैश्विक मंच पर असम का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले असमिया मुख्यमंत्री बन गए हैं, जहाँ वे राज्य के औद्योगिक विकास और शासन सुधारों का खाका पेश करेंगे। रेलवे के क्षेत्र में, न्यू बोंगाईगांव जीआरपी ने ब्रह्मपुत्र मेल से 250 किलो गांजा जब्त कर बिहार के एक तस्कर को गिरफ्तार किया। हालांकि, एक दुखद घटना में, असम के बजाली जिले में नई वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दिन ही एक 22 वर्षीय युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मालदा टाउन-कामाख्या वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन के पहले ही दिन हुई। कुल मिलाकर, पूर्वोत्तर भारत अपनी जटिल सुरक्षा चुनौतियों के बीच निरंतर तकनीकी प्रगति और वैश्विक आर्थिक एकीकरण की ओर अग्रसर है।