डबल इंजन शहरी विकास मॉडल पर उठाये गंभीर सवाल
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अस्पताल का दौरा और पीड़ितों से संवाद
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भागीरथपुरा में जमीनी हकीकत को जाना
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प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजा जाना
राष्ट्रीय खबर
भोपालः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहाँ उन्होंने हाल ही में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी और दस्त (डायरिया) के प्रकोप से प्रभावित मरीजों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने में विफल रहने पर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की और सरकार के तथाकथित शहरी विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी के साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और राज्य के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार भी मौजूद थे। उन्होंने शहर के बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहाँ इस संक्रमण से जूझ रहे कई मरीजों का इलाज चल रहा है। राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से चार मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
अस्पताल के बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा इलाके में पहुंचे, जो इस बीमारी के प्रकोप का मुख्य केंद्र रहा है। वहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने दूषित पानी के कारण अपने अपनों को खो दिया है। यहाँ मौतों के आंकड़ों को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है: क्षेत्र के लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट में सौंपी अपनी रिपोर्ट में केवल 7 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें एक पांच महीने का मासूम भी शामिल है। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 15 मौतें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं।
विवादों के बीच, प्रशासन ने अब तक 21 मृतक परिवारों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ मौतें अन्य बीमारियों के कारण हुई थीं, लेकिन मानवीय आधार पर सभी प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता दी गई है। राहुल गांधी ने इस पूरी स्थिति को सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही करार दिया और मांग की कि विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी सुविधाओं में दिखना चाहिए।