Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Walking Tips: लंबी उम्र चाहिए तो रोज इतने कदम चलना है जरूरी, साइंस ने बताया पैदल चलने का सही आंकड़ा Vastu Tips: क्या आपके ड्राइंग रूम का फर्नीचर रोक रहा है आपकी तरक्की? जानें सजाने का सही तरीका और दिश... प्रयागराज का नामी डॉक्टर बना 'हैवान'! इलाज के दौरान छात्रा से बैड टच और कपड़े उतरवाने का आरोप; डॉ. क... ग्लोबल टेंशन में भारत का मास्टरस्ट्रोक! इंडस्ट्रीज के लिए 2.5 लाख करोड़ का महा-पैकेज, चीन की बढ़ेगी ... IPL 2026: जीत के बाद भी अभिषेक शर्मा को लगा बड़ा झटका! खाते में आएंगे सिर्फ ₹5.62 लाख, जानें क्यों क... Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी का तांडव! तेज हवाओं से थमी रफ्तार; जानें UP सम... किमची से नैनोप्लास्टिक्स हटाने का पता चला एसआईआर की गड़बड़ियों की आंच अब न्यायिक अफसरों पर सितंबर में भारत आ सकते हैं ब्लादिमीर पुतिन सत्ता में आये तो हिमंता के खिलाफ कार्रवाईः राहुल गांधी

एआईएमआईएम को महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सफलता

आंतरिक विद्रोह और टिकट वितरण की राजनीति दरकिनार

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने अपनी आंतरिक कलह, टिकट वितरण को लेकर हुए विद्रोह और पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफों के बावजूद राज्य भर में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

पार्टी ने न केवल अपने पुराने किलों को सुरक्षित रखा, बल्कि नए शहरी इलाकों में भी अपनी पैठ मजबूत की है। चुनाव से ठीक पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद सैयद इम्तियाज जलील को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। टिकट वितरण के फैसलों से नाराज होकर कई प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी के भीतर एक विद्रोही धड़ा सक्रिय हो गया था। आलोचकों का मानना था कि यह असंतोष पार्टी को भारी पड़ेगा, लेकिन चुनाव परिणामों ने इन कयासों को गलत साबित कर दिया।

पार्टी का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम में रहा, जहाँ एआईएमआईएम ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की। यह 2015 के नगर निगम चुनाव की तुलना में एक बड़ी छलांग है, जब पार्टी ने 24 सीटें जीती थीं। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार मुकाबला बहुकोणीय था और पार्टी के भीतर ही टिकट को लेकर काफी खींचतान थी।

पार्टी ने पूरे महाराष्ट्र में कुल 126 सीटों पर कब्जा जमाया है। विभिन्न शहरों में पार्टी का प्रदर्शन इस प्रकार रहा। पार्टी ने मालेगांव में 21, नांदेज वाघला में 14, अमरावती में 12, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 8, नागपुर में 6 और ठाणे में 5 सीटें जीती हैं।  इसके अलावा पार्टी ने अकोला (3), अहिल्यानगर (2) और जालना (2) में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। नागपुर और ठाणे जैसे बड़े महानगरों में जीत दर्ज करना पार्टी के लिए एक बड़े मनोवैज्ञानिक बदलाव का संकेत है।

इन परिणामों से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र के मुस्लिम और दलित बहुल शहरी क्षेत्रों में एआईएमआईएम एक ठोस राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित हो चुकी है। इम्तियाज जलील के नेतृत्व में पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि वह केवल हैदराबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक निर्णायक किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।