केंद्र सरकार ने विचार के बाद अधिसूचना जारी कर दी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा के एक अत्यंत अनुभवी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी, राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी का नया महानिदेशक नियुक्त कर देश की आंतरिक सुरक्षा की कमान उनके हाथों में सौंप दी है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम पर मुहर लगाकर इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की पुष्टि की।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री अग्रवाल वर्तमान में इसी एजेंसी में विशेष महानिदेशक के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। उनकी यह पदोन्नति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत की शून्य-सहनशीलता की नीति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम भी है।
राकेश अग्रवाल 1994 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। अपने लगभग तीन दशकों के शानदार करियर में उन्होंने पुलिसिंग और सुरक्षा के विभिन्न आयामों में अपनी छाप छोड़ी है। उन्हें आंतरिक सुरक्षा की बारीकियों, जटिल आतंकवाद विरोधी अभियानों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच प्रक्रियाओं का गहरा और व्यापक अनुभव प्राप्त है। एनआईए में विशेष महानिदेशक के रूप में उनके पिछले कार्यकाल ने उन्हें एजेंसी की कार्यप्रणाली और वर्तमान में चल रही संवेदनशील जांचों से पूरी तरह अवगत कराया है, जिसका लाभ उन्हें अब महानिदेशक के रूप में मिलेगा।
आधिकारिक आदेश के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, श्री अग्रवाल पे-मैट्रिक्स के उच्चतम स्तर-16 में एनआईए प्रमुख का पदभार संभालेंगे। उनकी यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। वे 31 अगस्त, 2028 तक इस गरिमामय पद पर बने रहेंगे, जो उनकी सेवानिवृत्ति की भी तिथि है।
हालांकि, सरकार की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार भविष्य में इस कार्यकाल की समीक्षा की जा सकती है। गृह मंत्रालय ने उनके बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड और कठिन मामलों को सुलझाने की उनकी क्षमता को देखते हुए ही उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसे बिना किसी विलंब के एसीसी ने स्वीकार कर लिया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी भारत की वह धुरी है जो देश की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा को चुनौती देने वाले आतंकी नेटवर्क का खात्मा करती है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहां भारत सीमा पार आतंकवाद, कट्टरपंथ और उभरते साइबर खतरों जैसी बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रहा है, राकेश अग्रवाल की नेतृत्व क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती एजेंसी की जांच तकनीकों को और अधिक आधुनिक बनाना, फॉरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आतंकी वित्तपोषण की जड़ों को काटना होगा। उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में एनआईए देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने में नई ऊंचाइयों को छुएगी।