दुमका: सारजोम बेड़ा फुटबॉल क्लब की ओर से बुधवार को दुमका में सोहराय मिलन समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें स्थानीय आदिवासियों के साथ-साथ विदेशी मेहमान भी शामिल हुए. इस दौरान विदेशी मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया.
दरअसल, सोहराय पर्व के अंतिम दिन जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. चहुंओर हर्ष और उल्लास का माहौल है. इसी क्रम में साजोम बेड़ा फुटबॉल क्लब की ओर से सोहराय मिलन समारोह का आयोजन किया गया है. समारोह में नॉर्वे के मेहमान शामिल हुए. ढोल-मांदर की थाप पर स्थानीय आदिवासी महिलाओं और पुरुषों के साथ विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक नृत्य किया. निजी कार्य से दुमका आए नॉर्वे की महिलाएं और पुरुष कार्यक्रम के दौरान परंपरागत परिधान में नजर आएं. यह लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा.
समारोह में शामिल होकर आनंदित हुए विदेशी
इस दौरान विदेशी मेहमानों ने दुमका के आदिवासियों की इस परंपरा और सोहराय पर्व की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब हमें इस तरह का अवसर मिला है. हम लोगों ने इसे काफी एंजॉय किया. सचमुच यह हमारे लिए काफी अनूठा अनुभव है, जिसे हम हमेशा याद रखेंगे.
प्रकृति का पर्व है सोहराय
आपको बता दें कि धान की फसल कटने के बाद प्रकृति और घर में मौजूद पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आदिवासी समाज सोहराय पर्व मनाता है. यह पर्व परिवारों के बीच प्रेम और स्नेह का प्रतीक भी माना जाता है.