लैटिन अमेरिकी देश में फिर से भ्रष्टाचार का मसला उछला
पनामा सिटी: पनामा के पूर्व राष्ट्रपति रिकार्डो मार्टिनेली के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुकदमा शुरू हुआ। यह मामला पूरे लैटिन अमेरिका में फैले एक विशाल भ्रष्टाचार घोटाले से जुड़ा है, जिसने दक्षिण अमेरिका के कई बड़े नेताओं को अपनी चपेट में ले लिया है। इस मामले के केंद्र में ब्राजील की दिग्गज निर्माण कंपनी ओडेब्रेक्ट (अब नोवोनोर) है, जिसने स्वीकार किया है कि उसने सरकारी अनुबंध हासिल करने के लिए कई देशों के राजनेताओं को करोड़ों डॉलर की रिश्वत दी थी।
कार वॉश घोटाला और ओडेब्रेक्ट का जाल 2014 में शुरू हुए इस बहुचर्चित कार वॉश घोटाले ने लैटिन अमेरिका की राजनीति में भूचाल ला दिया था। ओडेब्रेक्ट कंपनी ने स्वीकार किया कि 2001 से 2016 के बीच सार्वजनिक कार्यों के ठेके पाने के लिए उसने पूरे क्षेत्र में भारी रिश्वत दी।
इस घोटाले के कारण पेरू के पूर्व राष्ट्रपति एलेजांद्रो टोलेडो और ओलांटा हुमाला पहले से ही जेल की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा अर्जेंटीना, कोलंबिया, मैक्सिको और वेनेजुएला जैसे देशों के नेता भी इसकी जद में आ चुके हैं।
मार्टिनेली पर आरोप और बचाव 73 वर्षीय रिकार्डो मार्टिनेली, जो 2009 से 2014 तक पनामा के राष्ट्रपति थे, पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान ओडेब्रेक्ट ने पनामा सिटी मेट्रो, तटीय राजमार्ग और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स के बदले लगभग 5.9 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी थी। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि भले ही पैसा सीधे मार्टिनेली के खातों में नहीं गया, लेकिन वे इन निधियों के अंतिम प्राप्तकर्ता थे और उन्हें इस अवैध धन के बारे में पूरी जानकारी थी।
वर्तमान में मार्टिनेली कोलंबिया में हैं, जहाँ उन्होंने पिछले साल राजनीतिक शरण ली थी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए कहा, मैं निर्दोष हूँ, मैं इसके लिए जिम्मेदार नहीं हूँ। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 12 साल तक की जेल हो सकती है। परिवार और अन्य नेताओं की संलिप्तता यह मामला केवल मार्टिनेली तक सीमित नहीं है।
पनामा के एक अन्य पूर्व राष्ट्रपति जुआन कार्लोस वरेला और मार्टिनेली के दो बेटों पर भी इसी मामले में आरोप हैं, जिनका मुकदमा बाद में सुप्रीम कोर्ट में चलाया जाएगा। मार्टिनेली पहले से ही एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 साल की सजा का सामना कर रहे हैं, जिससे बचने के लिए उन्होंने देश छोड़ा था।