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हवाई सफर जैसा अहसास, स्लीपर का किराया! बिहार को मिलीं 4 नई अमृत भारत ट्रेनें, अब कम खर्च में मिलेगा लग्जरी आनंद

बिहार के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बड़ी सौगात मिलने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने बिहार को 4 नई अमृत भारत ट्रेनों का उपहार देंगे. ये ट्रेनें पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक का सफर तय करेंगी, जिससे बिहार के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.

रेलवे के इस नए कदम से बिहार में अमृत भारत ट्रेनों की कुल संख्या 13 से बढ़कर 18 हो जाएगी. ‘अमृत भारत’ ट्रेनें अपनी रफ्तार और ‘पुश-पुल’ तकनीक के लिए जानी जाती हैं, जिससे यात्रा का समय कम होता है और झटके कम लगते हैं. इन ट्रेनों में आधुनिक इंटीरियर, चार्जिंग पॉइंट्स और बेहतर सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं.

इन 4 नई अमृत भारत ट्रेनों का जानें पूरा रूट और स्टॉपेज-

1. डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) अमृत भारत (15949/15950): यह साप्ताहिक ट्रेन असम से लखनऊ के बीच चलेगी. बिहार में यह ट्रेन किशनगंज, कटिहार, नवगछिया, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, हाजीपुर, छपरा और सीवान जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. इससे मिथिला और सीमांचल के लोगों को यूपी जाना आसान होगा.

2. बनारस-सियालदह अमृत भारत (22588/22587): यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी. बनारस से यह रविवार, गुरुवार और शुक्रवार को रवाना होगी, जबकि सियालदह से सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलेगी. बिहार की राजधानी पटना के यात्रियों के लिए यह ट्रेन सीधे बंगाल और वाराणसी जाने का बेहतरीन विकल्प बनेगी.

3. हावड़ा-आनंद विहार (दिल्ली) अमृत भारत (13065/13066): दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए यह साप्ताहिक ट्रेन एक बड़ी राहत है. बिहार में इसका ठहराव भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड और गया में दिया गया है. इससे दक्षिण बिहार के जिलों को सीधे दिल्ली की तेज कनेक्टिविटी मिलेगी.

4. पनवेल (मुंबई)-अलीपुरद्वार अमृत भारत (11031/11032): मुंबई जाने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण ट्रेन होगी. यह पनवेल से सोमवार और अलीपुरद्वार से गुरुवार को चलेगी. बिहार में इसका रूट काफी विस्तृत है, जिसमें बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और कटिहार जैसे स्टेशन शामिल हैं.

मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

इन ट्रेनों के संचालन से न केवल दिल्ली और मुंबई जाना आसान होगा, बल्कि बंगाल और उत्तर प्रदेश के साथ व्यापारिक और सामाजिक संबंध भी मजबूत होंगे. रेलवे बोर्ड के अनुसार, इन ट्रेनों के शुरू होने से मौजूदा ट्रेनों पर दबाव कम होगा और वेटिंग लिस्ट की समस्या से भी निजात मिलेगी.