Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
घुटना रिप्लेसमेंट की विकल्प तकनीक विकसित Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... देश की नौकरशाही पर लगाम कसने की नई चाल Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... शंकराचार्य मुद्दे पर योगी और केशव मौर्य की तल्खी Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7...

रांची में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए आदिवासी खिलाड़ी की चयन प्रक्रिया शुरू, ट्राइबल टैलेंट पर फोकस

रांची: देशभर के उभरते आदिवासी खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बड़े मंच के रूप में सामने आया है. इस विशेष खेल आयोजन के तहत झारखंड के आदिवासी खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया रांची में शुरू हो गई है.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग लेंगे आदिवासी खिलाड़ी

रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में झारखंड के 24 जिलों से आए प्रतिभाशाली आदिवासी खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया चल रही है. इस चयन के माध्यम से प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग लेने का अवसर मिलेगा.

सात खेलों के लिए हो रहा चयन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए झारखंड से सात खेल विधाओं में खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है. इसमें विशेष रूप से एथलेटिक्स पर जोर दिया गया है, यहां 17 अलग-अलग इवेंट्स में प्रतिभागियों की क्षमता को परखा जा रहा है. चयन प्रक्रिया में दौड़, कूद और थ्रो से जुड़े इवेंट शामिल हैं, जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए युवा खिलाड़ी अपना हुनर दिखा रहे हैं.

आदिवासी खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक अवसर

खेलो इंडिया के तहत विशेष रूप से ट्राइबल गेम्स की शुरुआत की जा रही है. इससे पहले आदिवासी खिलाड़ियों को सीमित मंच ही मिल पाता था लेकिन अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है.

आदिवासी खिलाड़ियों के लिए ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हो रही है. इसका उद्देश्य देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों को एक मजबूत मंच देना है, ताकि उनकी प्रतिभा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके. झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ सही अवसर और मार्गदर्शन की. चयनित खिलाड़ी न केवल खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स में हिस्सा लेंगे, बल्कि आगे चलकर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का भी लाभ मिलेगा: उमेश लोहरा, नोडल पदाधिकारी, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स

ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की भरमार: आशा किरण बारला

वहीं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशा किरण बारला ने इस पहल को आदिवासी खेल प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर बताया. अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशा किरण बारला ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की भरमार है लेकिन मंच के अभाव में कई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से बच्चों को नई दिशा मिलेगी और आने वाले समय में यही खिलाड़ी देश के लिए एशियाड और ओलंपिक में पदक जीतेंगे.

ओलंपिक तक का सपना

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से अब भारत के आदिवासी खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ने की मजबूत पहल शुरू हो गई है. इस योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य इन खिलाड़ियों को एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है.

झारखंड की भूमिका

झारखंड पहले से ही खेल प्रतिभाओं की नर्सरी माना जाता रहा है. हॉकी, एथलेटिक्स और तीरंदाजी जैसे खेलों में राज्य ने देश को कई नामचीन खिलाड़ी दिए हैं. अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के जरिए राज्य की आदिवासी प्रतिभाओं को नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

वहीं खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण निरंतर जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में झारखंड से कई आदिवासी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में चमकते नजर आएंगे.