धनबाद: झारखंड में नगर निगम चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट को लेकर जनता में आक्रोश है. धनबाद के वार्ड संख्या 36 और 44 के लोगों ने इस रिपोर्ट का विरोध जताया. लोगों ने झरिया के बाटा मोड़ में चुनाव आयोग का पुतला फूंका. इस दौरान विरोध कर रहे लोगों ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. लोगों ने जारी नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की है.
वार्ड 44 के पार्षद प्रत्याशी अरुण साव ने चुनाव आयोग और सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक इस तरह की रिपोर्ट साजिश और षड्यंत्र का एक हिस्सा है. उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज को BC-1 और BC-2 दो भागों में बांटना कहीं से भी उचित नहीं है. ओबीसी समाज को यह बांटने का काम है. उन्होंने इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि सरकार और चुनाव आयोग ने इसे वापस नहीं लिया तो हम सड़कों पर उतरेंगे और बाजार बंद कराएंगे. साथ ही उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
लोगों ने कहा कि एक साजिश के तहत वार्ड नंबर 36 और 44 को ओबीसी 2 में डाला गया है, जो कहीं से न्यायसंगत नहीं है. सर्वे के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट सिर्फ कागजी है, जमीनी स्तर पर कोई सर्वे नहीं हुआ है. ओबीसी को दो भागों में बांटने की साजिश झारखंड सरकार बंद करें. जिस तरह से अन्य राज्यों में निकाय चुनाव होते हैं, उसी आधार पर चुनाव कराने की मांग लोगों ने की है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ओबीसी के बीच विवाद कराने का काम चुनाव आयोग और सरकार कर रही है. झारखंड सरकार द्वारा ओबीसी को दो भागों में बांटने का काम नहीं चलेगा. लोगों ने चरणबद्ध आंदोलन करने की चेतावनी दी है.