Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Cyber Fraud: अब पुलिस भी सुरक्षित नहीं! साइबर ठगों के जाल में फंसा ASI, एक टेक्स्ट मैसेज से खाते से ... Bhopal GMC News: भोपाल GMC में सनसनी; MBBS छात्रा का बाथरूम में मिला शव, पास मिली एसिड की खाली बोतल Bandhavgarh News: बांधवगढ़ की लाडली का टूटा सपना! हेलिकॉप्टर से होनी थी विदाई, लेकिन खौफनाक अंत ने स... Shahdol News: शहडोल में CM को काले झंडे दिखाने पर बवाल; पुलिस ने नाबालिग को भी भेजा जेल, कांग्रेस का... Digvijaya Singh News: दिग्विजय सिंह के उस पुराने 'ऑफर' का अब जिक्र क्यों? पार्टी के लिए चेतावनी या न... Narmadapuram News: खनन माफिया के हौसले बुलंद! नर्मदापुरम में MPIDC की जमीन कर दी खोखली, दिनदहाड़े दौ... T20 World Cup 2026: टीम इंडिया के अभियान से पहले नीदरलैंड्स का धमाका, नामीबिया को हराकर पाकिस्तान को... Box Office Clash: आमिर खान-सनी देओल की फिल्म से भिड़ेंगे सलमान खान? 'बैटल ऑफ गलवान' पर अपूर्व लाखिया... NATO Restructuring: बदलने जा रहा है नेटो का ढांचा! अमेरिका के बाद अब इटली और ब्रिटेन बनेंगे नए 'पावर... Dates Production: खजूर के कारोबार में खाड़ी देशों को पछाड़ रहा ये छोटा मुल्क; एक्सपोर्ट में बनाया नय...

औसतन हर दिन एक अपराधी को फांसी का भीषण रिकार्ड

सऊदी अरब में 356 लोगों को मृत्युदंड

रियाधः मध्य-पूर्व के प्रमुख देश सऊदी अरब ने नशीली दवाओं के प्रसार को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में देश के इतिहास में अब तक के सर्वाधिक मृत्युदंड दिए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 356 कैदियों की सजा-ए-मौत पर अमल किया गया। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह सऊदी अरब में न्यायिक दंड की कठोरता को दर्शाता है।

विशेष रूप से, 2025 में कुल मृत्युदंडों में से 243 मामले केवल मादक पदार्थों की तस्करी और उनसे जुड़े अपराधों से संबंधित थे। यदि पिछले वर्ष यानी 2024 से तुलना की जाए, तो तब 338 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब सऊदी अरब ने मृत्युदंड के अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब ने लगभग तीन वर्षों तक नशीली दवाओं के मामलों में मृत्युदंड पर रोक लगा रखी थी, लेकिन 2022 के अंत में इस नीति को बदलते हुए पुनः कड़ी सजा देना शुरू कर दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब फेनेथिलिन नामक एक अवैध उत्तेजक दवा का बहुत बड़ा बाजार बन गया है, जिसे स्थानीय स्तर पर कैप्टागन के नाम से जाना जाता है। इस नशीली दवा का व्यापार मध्य-पूर्व में अस्थिरता का एक बड़ा कारण रहा है। सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासनकाल के दौरान यह दवा देश के मुख्य निर्यात उत्पादों में से एक बन गई थी, जिससे प्राप्त धन का उपयोग विभिन्न सैन्य गतिविधियों में किया गया।

सऊदी अधिकारियों ने इस खतरे से निपटने के लिए राजमार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा जांच को अत्यंत सख्त कर दिया है। इस व्यापक अभियान के दौरान करोड़ों की संख्या में नशीली गोलियां जब्त की गई हैं और अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों से जुड़े सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिन लोगों को मृत्युदंड दिया गया है, उनमें से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाएं लगातार सऊदी अरब की आलोचना कर रही हैं, उनका तर्क है कि नशीली दवाओं के अपराधों के लिए मृत्युदंड देना अंतरराष्ट्रीय कानून के मानकों का उल्लंघन है।