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एडल्ट कंटेंट पर ‘डिजिटल ताला’! बिना उम्र के सबूत नहीं दिखेंगी एडल्ट फोटोज; Apple और Google के लिए जल्द आ सकते हैं कड़े नियम

ब्रिटेन सरकार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple और Google से कहा जा सकता है कि वे iOS और Android डिवाइसेज पर बिना उम्र वेरिफिकेशन के एडल्ट तस्वीरों को देखने और शेयर करने से रोकें. यह प्रस्ताव UK के ऑनलाइन सेफ्टी नियम के तहत लाया जा सकता है. अगर यह नियम लागू हुआ, तो यह टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा नियामकीय बदलाव होगा.

UK सरकार सा सकती है नया नियम

Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, UK सरकार एपल और गूगल से बातचीत कर सकती है ताकि डिवाइस लेवल पर कंट्रोल लागू किए जा सकें. इसके तहत यूजर्स तब तक एडल्ट तस्वीरें न देख सकें और न शेयर कर सकें, जब तक उनकी उम्र वेरिफिकेशन न हो जाए. यह नियम iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म पर लागू हो सकता है. हालांकि सरकार की तरफ से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

एज वेरिफिकेशन पर क्यों बढ़ रहा है दबाव

एज वेरिफिकेशन इस समय ग्लोबल टेक इंडस्ट्री का बड़ा मुद्दा बना हुआ है. मेटा जैसी कंपनियां पहले से ही चाहती हैं कि गूगल और एपल इस जिम्मेदारी को अपने प्लेटफॉर्म पर संभालें. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन लागू करना शुरू किया है, जिससे UK समेत अन्य देशों में भी सख्त नियमों की चर्चा तेज हो गई है.

Online Safety Act से जुड़ा है प्रस्ताव

रिपोर्ट के मुताबिक, UK का यह प्रस्ताव ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के साथ मिलकर काम करेगा. मौजूदा कानून के तहत पोर्नोग्राफी दिखाने वाली वेबसाइट्स और ऐप्स के लिए उम्र जांच अनिवार्य है. यूके के रेगुलेटर Ofcom ने साफ कहा है कि सिर्फ यह कहना कि यूजर 18 साल से ऊपर है, अब काफी नहीं होगा. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में सख्ती और बढ़ सकती है.

Apple और Google का क्या कहना है

अब तक एपल और गूगल ने यह पुष्टि नहीं की है कि सरकार के साथ इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बातचीत चल रही है. फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, फिलहाल यह नीति विचाराधीन है. अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह पहली बार होगा जब डिवाइस लेवल पर एडल्ट कंटेंट के लिए एज वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा. इसका असर यूजर प्राइवेसी और टेक कंपनियों की जिम्मेदारी दोनों पर पड़ सकता है.