रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कोटा स्टेडियम में दो दिवसीय ट्रांसजेंडर नेशनल स्पोर्ट्स मीट 2025 का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन 19 और 20 दिसंबर तक चलेगा. इस खेल महोत्सव में देशभर से आए ट्रांसजेंडर खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन खेलों के जरिए ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच दिया जा रहा है.
10 राज्यों से पहुंचे 170 खिलाड़ी: इस आयोजन में देश के लगभग 10 राज्यों से 170 ट्रांसजेंडर खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. सभी खिलाड़ी पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं. इससे पहले साल 2012 में भी रायपुर में नेशनल ट्रांसजेंडर स्पोर्ट्स मीट का आयोजन हुआ था.
किन खेलों का हो रहा है आयोजन
- 100 मीटर और 800 मीटर दौड़
- लॉन्ग जंप
- गोला फेंक
- रस्साकशी
ट्रांसजेंडर्स को खेल प्रतिभा निखारने का मिला मंच (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
ट्रेन बेगिंग और सेक्स वर्कर जैसी सोच बदलने का मौका: कई राज्यों से आए ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों ने इसे सोच बदलने का मौका बताया. आदित्य देव सेन ने कहा कि समाज में आज भी यह सोच है कि ट्रांसजेंडर कुछ नहीं कर सकते. सिर्फ ट्रेन में बेगिंग या सेक्स वर्कर के नाम से ही जानते हैं जो गलत है. उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स के माध्यम से वे यह दिखाना चाहते हैं कि ट्रांसजेंडर समुदाय में भी बहुत टैलेंट है. वेस्ट बंगाल से इस आयोजन में 11 खिलाड़ी पहुंचे हैं.
मैंने 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और दूसरा स्थान प्राप्त किया. यह पहली बार है जब ट्रांसमेन को इस तरह का राष्ट्रीय मंच मिला है: ट्रांसजेंडर सुनील रानत
कई परेशानियों को झेलकर आगे बढ़ रहे: सुनील ने यह भी कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए नौकरी मिलना मुश्किल है. साथ ही डॉक्यूमेंट बदलने की प्रक्रिया तो बहुत कठिन है, जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए.
खेल से अलग तरह की एनर्जी मिलती है और हम चाहते हैं कि ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करें. इस आयोजन से ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को खुद को साबित करने का मौका मिला है.- कमली अग्निहोत्री, झारखंड
पहली बार अपने राज्य से बाहर आई हूं. 800 मीटर दौड़ और लॉन्ग जंप में पार्टिसिपेट किया है. मुझे बचपन से खेलों में रुचि रही है और लड़कों के साथ फुटबॉल खेला करती थीं.- जूली मरियम, झारखंड
छत्तीसगढ़ को धन्यवाद: वेस्ट बंगाल की ट्रांसजेंडर झूमा ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और आयोजकों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के अंदर बहुत प्रतिभा होती है, लेकिन समाज उन्हें मौका नहीं देता.
पहली बार किसी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हूं. अगर भविष्य में ऐसा मौका फिर मिला तो जरूर आऊंगी.- रिया, ट्रांसजेंडर
मीरा परेडे ने बताया ऐतिहासिक आयोजन: किन्नर अखाड़ा पूर्व भारत की महामंडलेश्वर मीरा परेडे ने कहा कि यह आयोजन भारत की डेमोक्रेसी और इक्वलिटी को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब ट्रांसजेंडर को सिर्फ भीख या सेक्स वर्क से जोड़ा जाता था, लेकिन आज वे एथलेटिक्स और पुलिस जैसी सेवाओं में आगे बढ़ रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में 35 ट्रांसजेंडर पुलिस में भर्ती हुए हैं और उन्हें 2% हाउसिंग रिजर्वेशन भी मिला है.– मीरा परेडे, महामंडलेश्वर
ट्रांसजेंडर नेशनल स्पोर्ट्स मीट 2025 न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह समाज की सोच बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह आयोजन ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्मविश्वास, पहचान और समान अवसर देने का मजबूत मंच बन रहा है.