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चांदी की कीमतों में ‘महाविस्फोट’! ₹1,00,000 के पार जाने की तैयारी, जानें वो 4 कारण जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगाई आग

‘सफेद’ आंधी का दौर चल रहा है. अब आप कहेंगे आखिर ये सफेद आंधी क्या है? अरे भाई यहां बात किसी और की नहीं बल्कि चांदी की हो रही है. जिसकी कीमतों में जबरदत तेजी देखने को मिल रही है. मंगलवार को जब देश का वायदा बाजार बंद हुआ तो चांदी के दाम 2.07 लाख रुपए के पार दिखाई दिए. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान चांदी ने नया रिकॉर्ड तक कायम कर लिया था. वैसे चांदी की कीमतें यूं ही नहीं बढ़ रही है. इसके पीछे कई कारण हैं. जिनमें सबसे अहम है चांदी की इंडस्ट्रीयल और इंवेस्टमेंट डिमांड में इजाफा.

वहीं सप्लाई और प्रोडक्शन में कमी भी चांदी की कीमतों को ग्लोबल लेवल पर बढ़ा रहे हैं. जबकि भारत की करेंसी में गिरावट का असर भी चांदी की कीमतों में देखने को मिल रहा है. जानकारों की मानें तो जिस तर​ह का अमेरिका का जॉब डाटा सामने आया है. उससे लग रहा है कि फेड आने वाले दिनों में एक और रेट कट कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो चांदी की कीमतों में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं.

चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर

हाल ही में, कीमती धातुओं के क्षेत्र में चांदी ने सोने को पछाड़ दिया है, और कॉमेक्स वायदा भाव पहली बार 66 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है. मार्च 2026 के कांट्रैक्ट में 5.25 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 66.65 डॉलर प्रति औंस के लाइफटाइम हाई लेवल पर पहुंच गया है. मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने चांदी के प्रदर्शन को “सोने से भी तेज़” बताया और कहा कि यह सोने की तुलना में लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद चांदी की वापसी को दर्शाता है. ऐतिहासिक रूप से, कीमती धातुओं के प्रमुख तेजी के बाजारों में चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर होता है.

इंडस्ट्रीयल और इंवेस्टमेंट डिमांड में इजाफा

बग्गा ने बताया कि मांग को बढ़ाने वाले अन्य फैक्टर्स में इंडस्ट्रीयल जरुरत, इंवेस्टमेंट फ्लो और सप्लाई की कमी शामिल हैं. उन्होंने कहा, हाई टेक/इंडस्ट्रीयल डिमतांड और इंवेस्टमेंट डिमांड में में उछाल को जोड़ें, तो इस साल चांदी की कीमतों में 110 फीसदी से अधिक की वृद्धि के लिए पर्याप्त बेस तैयार हो जाता है. कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी रिसर्च के एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा कि चांदी की तेजी कम फिजिकल सप्लाई, बढ़ती सेफ हैवन डिमांड, सिल्वर ईटीएफ में मजबूत निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों की वजह से है.

चांदी ने कच्चे तेल को पीछे छोड़ा

चांदी की कीमतों ने कच्चे तेल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. 65 डॉलर का आंकड़ा पार करना चांदी के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है. चांदी ने 40 वर्षों में पहली बार कच्चे तेल को पीछे छोड़ते हुए बाजार को एक स्पष्ट संदेश दिया है: भविष्य ठोस, महत्वपूर्ण और दुर्लभ वस्तुओं का है. चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक आमिर मकदा ने कहा कि अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी दर, जो वर्तमान में 4.6 फीसदी है, 2026 में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का कारण बन सकती है, जिससे चांदी की मांग में और वृद्धि होगी.

मकदा ने आगे कहा कि चांदी की कीमत अमेरिकी और खाड़ी देशों के कच्चे तेल से अधिक है. यह उलटफेर 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक के आरंभिक वर्षों के बाद से नहीं देखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि यह इंडस्ट्रीयल डिमांड मेटल एनर्जी के समान ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होती जा रही है.

सप्लाई में कमी और करेंसी इंपैक्ट

चांदी की सप्लाई में लगातार पांचवें वर्ष कमी बनी हुई है. डॉलर के मुकाबले रुपए के लगातार कमजोर होने से स्थिति और भी बिगड़ गई है. इसके चलते डॉलर में मूल्यांकित वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है. मौजूदा साल में डॉलर के मुकाबले में रुपए में करीब 6 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो रुपए में गिरावट का सिलसिला कैलेंडर ईयर 2026 की पहली छमाही तक जारी रहने का अनुमान है. इसका मतलब है कि आने वाले 6 महीने चांदी के लिए काफी अहम होने जा रहे हैं.

रिकॉर्ड लेवल पर चांदी के दाम

अगर देश के वायदा बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतें मंगलवार को रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई. मंगलवार देर रात चांदी की कीमतें 2,07,833 रुपए के साथ लाइफ टाइम हाई पर पहुंची और बाजार बंद होने के बाद कीमतें 2,07,435 रुपए पर आ गई. वैसे गुरुवार को सुबह चांदी के दाम मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रही है. आंकड़ों को देखें तो सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर चांदी के दाम 453 रुपए की गिरावट के साथ 2,06,982 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं, जोकि रिकॉर्ड लेवल से 851 रुपए कम है. वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है. सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर सोने की कीमतें 124 रुपए की गिरावट के साथ 1,34,770 रुपए पर कारोबार कर रहा है.